मोंठ। नगर पंचायत मोंठ से सटी ग्राम पंचायत बम्हरौली में लोगों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी व्याप्त है। नालियां जाम होने की वजह से उनका गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। गांव में शमशान घाट भी नहीं है, जिससे लोगों को अंतिम संस्कार के लिए मोंठ तक आना पड़ता है। संपर्क मार्ग कच्चा है। आंगनबाड़ी भवन का निर्माण भी यहां नहीं हो पाया है। इसके अलावा ग्रामीणों को अन्य समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत बम्हरौली मोंठ का हृदय मानी जाती है। मोंठ का न्यायालय, तहसील भवन, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, जल संस्थान, फायर स्टेशन, टेलीफोन एक्सचेंज, गल्ला मंडी, बैंक आदि इसी ग्राम पंचायत में स्थित हैं। इसके बावजूद यहां के लोगों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी होने के बाद भी इस ग्राम पंचायत में महज एक सफाई कर्मचारी तैनात है, जिससे यहां की सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है। प्रमुख संपर्क मार्ग कच्चा है और इस पर बनी पुलिया बीते कई सालों से टूटी हुई है। पानी की निकासी न होने की वजह से यहां कीचड़ जमा रहता है। सामुदायिक बरात घर भी यहां अब तक नहीं बन पाया है। शमशान घाट न होने की वजह से क्षेत्र के लोगों को शवों के अंतिम संस्कार के लिए मोंठ तक जाना पड़ जाता है। बारिश के दिनों में लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ जाती है। गांव के कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाॅल नहीं है। गांव में पांच आंगनबाड़ी कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन आंगनबाड़ी भवन नहीं है, जिससे केंद्रों का संचालन स्कूल और पंचायत भवन में किया जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके बावजूद यहां की समस्याएं कम नहीं हुईं हैं।
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एक नजर में...
ग्राम पंचायत का नाम - बम्हरौली
ग्राम पंचायत में शामिल गांव व मोहल्ले - पुरानी बम्हरौली, नई बम्हरौली, अफ़ो का नाला मोहल्ले, आजाद नगर, नई बस्ती, एसडीएम कॉलोनी, स्टेट बैंक ब्लॉक, कॉलेज मोहल्ला आदि।
ग्राम पंचायत की आबादी - 13500
मतदाताओं की संख्या - 6000
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समस्याएं...
- गांव में मुक्तिधाम न होने की वजह से लोगों को अंतिम संस्कार के लिए मोंठ तक जाना पड़ जाता है।
- कब्रिस्तान में बाउंड्रीवाॅल नहीं है।
- आंगनबाड़ी भवन का निर्माण भी नहीं किया गया है।
- पुरानी बम्हरौली से हाईवे तक का संपर्क मार्ग कच्चा है।
- नालियां जाम होने की वजह से गंदा पानी जमा हुआ है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ा हुआ है।
- सामुदायिक बरात घर न होने की वजह से लोगों को निजी विवाह घरों का सहारा लेना पड़ जाता है।
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बीते चार की उपलब्धियां...
- गांव में हाईटेक सचिवालय बनाया गया।
- पंचायत भवन में जन सुविधा केंद्र की स्थापना की गई।
- गांव में ई-पुस्तकालय का निर्माण किया गया।
- जिले की पहली एस्ट्रो लैब स्थापित की गई।
- प्रेरणा बाजार का निर्माण किया गया।
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पिछले चार सालों से विकास कार्य निरंतर जारी हैं। दो करोड़ रुपये की लागत से 22 सीसी सड़क और 20 एपेक्स सड़क बनवाई गईं हैं। खेल का मैदान भी बनाया जा रहा है। गोशाला का बेहतर ढंग से संचालन किया जा रहा है। गांव की प्रमुख समस्या शमशान घाट की है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
- अरविंद यादव, ग्राम प्रधान
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गांव में विकास कार्य ठप हैं, जिससे लोग परेशान हैं। जल जीवन मिशन के तहत खोदी गईं सड़कें खराब पड़ी हुईं हैं। सरकारी अस्पताल के सामने बनी पुलिया कई सालों से क्षतिग्रस्त है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- यशपाल यादव बापू, पूर्व प्रधान प्रत्याशी
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तहसील मुख्यालय की ग्राम पंचायत समस्याओं से जूझ रही है। पुलिया टूटी हुई है और सड़क का भी हाल खराब है। इसके अलावा अन्य समस्याएं भी व्याप्त हैं। सड़क और पुलिया का निर्माण अविलंब किया जाना बेहद जरूरी है।
- हाजी रजा खान
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गांव में मुक्तिधाम के लिए जमीन चिह्नित है, लेकिन निर्माण नहीं किया गया है। अंतिम संस्कार के लिए लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना बारिश के मौसम में करना पड़ता है। लेकिन, इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- फौजी दीनानाथ वर्मा
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सरकार द्वारा चलाई जा रहीं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। ग्राम प्रधान के सहयोग से पंचायत में लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं। कई कार्यों के प्रस्ताव तैयार भी किए जा चुके हैं।
- देवेंद्र यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी