संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेलवे स्टेशन पर स्थित क्रू लॉबी में संचालित क्रू मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) की बागडोर अब प्राइवेट कर्मचारियों के सुपुर्द की जा रही है। पिछले दिनों कर्मचारियों का चयन कर उनका प्रशिक्षण शुरू हो गया है। प्राइवेट कर्मचारियों के हाथ में सीएमएस जाने के बाद अब तक तैनात रनिंग कर्मचारियों को हटाकर उन्हे फील्ड पर भेजा जाएगा। रेलवे का मानना है कि इससे ट्रेन संचालन में कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जाएगा।
उत्तर मध्य रेलवे के झांसी, आगरा और प्रयागराज स्टेशन पर स्थित क्रू लॉबी में सभी कार्य के लिए रनिंग कर्मियों की तैनाती की जाती थी। उक्त कर्मचारी रनिंग स्टॉफ की ड्यूटी से लेकर उनके रोस्टर व रेस्ट और रिकार्ड संभालते थे। आधुनीकरण के साथ ऑनलाइन सेवा शुरू होने पर पूरा काम कम्प्यूटरीकृत सॉफ्टवेयर प्लेटफार्म पर आ गया। क्रू मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) शुरू होने के बाद भी पूरा काम रनिंग कर्मियों के हाथ में रहता था। ऐसे में अधिकांश कर्मचारी क्रू लॉबी में कार्य करने के इच्छुक रहते थे। रेलवे ने रनिंग कर्मियों को फील्ड पर लाने के लिए सीएमएस सिस्टम को पूरी तरह से प्राइवेट हाथों में देने का निर्णय ले लिया और पिछले दिनों ठेके पर कर्मचारियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण के लिए भेज दिया है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ही क्रू लॉबी में सॉफ्टवेयर में डेटा फीडिंग और रिकॉर्ड मेंटेनेंस का कार्य प्राइवेट कर्मचारी संभाल लेंगे। साथ ही अभी तक क्रू लॉबी में तैनात रनिंग स्टॉफ को ड्यूटी पर फील्ड में भेजा जाएगा। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे ने क्रू लॉबी में डेटा फीडिंग और रिकार्ड मेंटेनेंस का कार्य प्राइवेट कर्मचारियों से कराया जाएगा। कर्मचारियों के प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हे कार्य सौंपा जाएगा।
क्रू लॉबी में सीएमएस का यह होता है उपयोग
क्रू लॉबी में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर के साइन-ऑन व साइन-ऑफ के लिए सीएमएस का उपयोग होता है। डेटा एंट्री ऑपरेटर, लॉबी प्रबंधन, कंप्यूटर ऑपरेटर और कॉल बॉय जैसे कार्य प्राइवेट एजेंसी कर रही है।