रेलवे स्टेशन पर प्रीमियम पार्किंग को लेकर अमर उजाला की मुहिम का असर शुक्रवार से दिखना शुरू हो गया। चार पहिया वाहन सवारों से ठेकेदार ने बृहस्पतिवार की रात 12 बजे से नई दरों पर किराया लेना चालू कर दिया। किराए को लेकर लोग संतुष्ट दिखे और उन्होंने अमर उजाला को धन्यवाद भी दिया। नई दरों के हिसाब से एक घंटे के 118 रुपये की जगह 30 रुपये ही देने पड़ रहे हैं। दो घंटे के 50 रुपये और तीन घंटे के 100 रुपये देने हैं। इसके बाद हर घंटे के सौ रुपये भुगतान करना है।
रेलवे स्टेशन की प्रीमियम पार्किंग की अव्यवहारिक दरों में बृहस्पतिवार की रात 12 बजे से संशोधन हो गया। रेल प्रशासन के आदेश पर ठेकेदार ने नई दरों के हिसाब से पार्किंग में चार पहिया वाहन ले जाने पर पहले एक घंटे में 30 रुपये, दो घंटे में 50 रुपये, तीन घंटे के 100 रुपये और इसके बाद हर घंटे के हिसाब से 100 रुपये लेना शुरू कर दिया। नई दरों से लोग संतुष्ट दिखाई दिए। वह तीस रुपये देने के बाद बेफ्रिकी से एक घंटे तक स्टेशन पर इंतजार करते रहे। हालांकि, कई लोग जो तीस रुपये भी नहीं देना चाहते थे, वह स्टेशन के बाहर ही अपने नाते रिश्तेदारों को छोड़ चले गए। यहां आने वालों का सड़क पर ही इंतजार करते रहे। इससे रेलवे परिसर में वाहनों की संख्या भी कम रही। इससे गाड़ियों को आगे-पीछे करने में भी दिक्कत नहीं रही।
मालूम हो कि, अभी तक रेलवे परिसर में संचालित पार्किंग व्यवस्था में आने वाले चार पहिया वाहनों से पहले बीस मिनट में कोई चार्ज नहीं लिया जाता था। इसके बाद 21 से 30 मिनट तक 60 रुपये, 31 से 59 मिनट तक 118 रुपये, एक घंटे से दो घंटे तक 236 रुपये तथा इसके बाद 354 रुपये प्रति घंटे लिए जा रहे थे। ठेकेदार ने एक तरफ प्रवेश व दूसरी तरफ निकास द्वार बना रखा है। प्रवेश द्वार में दाखिल होते ही रसीद काटकर समय दर्ज कर चालक को दे दिया जाता है। निकास द्वार से निकलने पर समय के हिसाब से किराया लिया जाता है। इस अव्यवहारिक किराए के खिलाफ ‘अमर उजाला’ ने अगस्त में मुहिम चलाई थी, जिससे जनप्रतिनिधि से लेकर समाज का हर वर्ग जुड़ता गया।
फ्री लाइन में नहीं लगता किराया
वह वाहन चालक जो फ्री लाइन से होकर अपने वाहन ले जाते हैं और सवारियों को छोड़ने के बाद सीधा निकल जाते हैं। ऐसे वाहनों से कोई किराया नहीं लिया जाता है।
‘प्रीमियम पार्किंग में नई दरें लागू हो गई हैं। नई दरों का बोर्ड लगा दिया गया है। अभी तीन माह के लिए ठेका दिया गया है। ’ - मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।
अब ज्यादा रुपये नहीं देने पड़ रहे
मैं लगातार अमर उजाला में प्रीमियम पार्किंग को लेकर प्रकाशित खबरें पढ़ रहा था। नई दरें लागू होने से संतुष्टि है। अब ज्यादा रुपये नहीं देने पड़ रहे हैं, जिसे देने में दिक्कत भी नहीं है।
डॉ. डी एस कटियार, ग्रासलैंड ।
समय को लेकर विवाद खत्म
मेरा अक्सर स्टेशन पर आना होता है। कई बार वक्त को लेकर झगड़ा होता था, लेकिन अब यह परेशानी खत्म हो गई है। हां, शुरूआती 20 मिनट में निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था खत्म नहीं होनी चाहिए थी।
- अनूप, एलआईसी फाइनेंस।
10 रुपये और कम होना चाहिए
मैंने देखा है कि भोपाल स्टेशन की प्रीमियम पार्किंग में एक घंटे के 20 रुपये ही लगते हैं। दस रुपये और कम होना चाहिए। वैसे 30 रुपये किराया भी ज्यादा नहीं है। अमर उजाला का शुक्रिया।
विकास भट्ट, भेल।
अच्छी है एक घंटे की छूट
रेलवे परिसर में गाड़ी करने के बाद अगर आप किसी को प्लेटफार्म से लेने जाते हैं तो कम से कम आधा घंटा तो लग ही जाता है। ऐसे में एक घंटे तक 30 रुपये किराया कोई ज्यादा नहीं है।
अनय कुमार, सिविल लाइन।