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Jhansi: जहर निगलकर प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका ने दी जान, पति इंटर काॅलेज में हैं प्रधानाचार्य

Wed, 18 Mar 2026 02:39 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क

सार

जहर निगलने के बाद अचेत होने से पहले शिक्षिका ने पति व बच्चों से खुद को बचाने की गुहार भी लगाई। घबराए परिजन उनको लेकर तुरंत मेडिकल काॅलेज लेकर पहुंचे। लेकिन कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
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शिक्षिका ने की सुसाइड। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नवाबाद थाना क्षेत्र की सनफ्रॉन सिटी निवासी प्राथमिक विद्यालय शिक्षिका रूपा राठौर (45) ने कथित ताैर पर जहर निगलकर जान दे दी। जहर निगलने के बाद अचेत होने से पहले उन्होंने पति एवं बच्चों से खुद को बचाने की गुहार भी लगाई। घबराए परिजन उनको लेकर तुरंत मेडिकल काॅलेज लेकर पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया लेकिन कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार, रूपा राठौर के पति संजय राठौर मोंठ स्थित केसीसी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं, जबकि रूपा मोंठ के ही कन्या प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका थीं। दोनों पिछले एक वर्ष से अपने दो बच्चों के साथ सनफ्रॉन सिटी में रह रहे थे और रोजाना मोंठ आना-जाना करते थे। परिजनों के मुताबिक, सोमवार रात सभी ने साथ में भोजन किया। इसके बाद रूपा अपनी बेटी के साथ दूसरे कमरे में सोने चली गईं। मंगलवार तड़के उन्होंने पति को जगाकर जहर निगलने की बात बताई। कुछ ही देर में उनकी हालत बिगड़ने लगी, जिस पर परिजन उन्हें पहले एक निजी अस्पताल ले गए। वहां से डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इमरजेंसी में भर्ती कराने के बाद उनकी मौत हो गई।


पुलिस जांच में जुटी
रूपा की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पति संजय राठौर के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं, लेकिन इस कदम के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम कराया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
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चार घंटे के भीतर खत्म हो गई जिंदगी ....
परिवार के अनुसार, रूपा की बड़ी बेटी ने इस वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है, जबकि बेटा सातवीं कक्षा में पढ़ता है। संजय राठौर ने बताया कि दो दिन पहले ही बेटी का रिजल्ट आने के बाद परिवार के साथ घूमने जाने की योजना बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि सोमवार को ही रूपा को डॉक्टर को दिखाकर लौटे थे। किसी को भी अंदेशा नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेंगी। घटना के बाद दोनों बच्चे और परिजन गहरे सदमे में हैं। मां की मौत से दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। संजय भी पत्नी की मौत से बुरी तरह टूट गए। आंखों में आंसू भरकर संजय बुदबुदाते रहे कि चार घंटे के भीतर उनकी जिंदगी खत्म हो गई, वह कुछ कर नहीं सके। रूपा की मौत की सूचना मिलने पर उसके मायके के लोग भी आ गए। संजय का कहना है कि रूपा बीमारी की वजह से परेशान थी।
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