झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की बिल्डिंग में आई दरार की तकनीकी जांच कराने के लिए प्राचार्य ने शासन को पत्र लिखा है। प्राचार्य ने आईआईटी के विशेषज्ञों की जांच समिति बनाने की मांग की है। मामले की जानकारी केंद्र सरकार को भी दे दी गई है।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत 150 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का निर्माण कराया गया है। इस बिल्डिंग का तीन सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से शुभारंभ कराया गया था। इसके बाद इमारत के भूतल में नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी विभाग की ओपीडी शुरू हो चुकी है। बिल्डिंग हैंडओवर की तैयार चल रही थी। इसको लेकर कॉलेज के जूनियर इंजीनियर ने बिल्डिंग का जायजा लिया तो भूतल से लेकर पांचवीं मंजिल तक दीवारों व छतों में दरार आ गई है। यह दरार काफी बड़ी है। पांचवें तल पर स्थापित कैथ लैब, कैथ लैब के बाहर की दीवार, यूरोलॉजी वार्ड, आईसीयू वार्ड आदि जगहों पर दरार साफ दिख रही है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. रविंद्र मिश्रा और ब्लॉक के नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार की शिकायत पर प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक ने शासन और केंद्र सरकार को इस बारे में अवगत करा दिया है। प्राचार्य ने दरार के कारणों का पता लगाने के लिए आईआईटी के विशेषज्ञों से तकनीकी जांच कराने की मांग की है। संभावना है कि जल्द ही जांच कमेटी गठित की जा सकती है।