संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लोक निर्माण विभाग शहर के ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्य कराएगा। ऐसे स्थानों पर सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। सबसे अधिक हादसे हाईवे पर होने के चलते एनएचएआई अब ब्लैक स्पॉट के सेफ्टी ऑडिट कराने जा रहा है। झांसी, ललितपुर और जालौन में सभी जगहों पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर यहां होने वाले हादसों का कारण और इसकी रोकथाम के लिए जानकारी एकत्रित कराई जा रही है।
झांसी परिक्षेत्र में सड़क हादसों का प्रतिशत हर वर्ष बढ़ रहा है। इसकी रोकथाम के लिए सरकारी स्तर पर जो प्रयास किए जा रहे हैं, उनका कोई खास असर इस पर दिख नहीं रहा है। यही वजह है कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष छह माह में हुए हादसों में 32 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसमें 2024 में जनवरी से जून तक 312 हादसे हुए। वहीं, इस वर्ष छह माह के दौरान 335 हादसे हुए। इनमें 189 लोगों की मौत हुई।
इन्हीं हादसों से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग को ब्लैक स्पॉट में सुधार कराने के निर्देश दिए गए हैं। पीडब्लूडी शहर से ग्रामीण क्षेत्रों के ब्लैक स्पॉट चिह्नित करते हुए इनके सुधार की कार्ययोजना तैयार की है। सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर में सुधार के साथ साइन बोर्ड, कैट आदि लगवाने के साथ अन्य कार्य किए जाएंगे। यह कार्ययोजना बनाकर शासन को भेज दी गई है। मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू कराए जाएंगे।
बॉक्स में -
रोड सेफ्टी के तहत लोक निर्माण विभाग यह कराएगा कार्य
लागत ये होंगे सड़क सुधार कार्य
1.67 करोड़ दबोह-पूछ-गुरसराय-टीकमगढ़ मार्ग के चौराहों और तिराहे पर
5.00 करोड़ झांसी-बबीना मार्ग पर
3.37 करोड़ पाली पहाड़ी से मेडिकल बाईपास पर
1.00 करोड़ चिरगांव भांडेर मार्ग पर
1.03 करोड़ जराय मठ से चिलोठा मार्ग पर
70 लाख एनएच 27 से मुराठा धमना मार्ग पर
1.72 करोड़ झांसी-ग्वालियर मार्ग पर
70 लाख चिसाली बाइपास पर
2.27 करोड़ झांसी-ग्वालियर मार्ग पर अंसल तिराहे पर
70 लाख बड़ौरा बाइपास पर
68 लाख झांसी-ग्वालियर मार्ग में स्थित ब्लैक स्पॉट, जीवनशाह चौराहे पर
79 लाख बरल बाइपास पर
1.50 करोड़ दबोह-पूछ-गुरसराय-टीकमगढ़ मार्ग पर
70 लाख दबोह-पूछ-गुरसराय-टीकमगढ़ मार्ग पर
70 लाख सेमरी बाईपास मार्ग पर
40 लाख हमीरपुर-राठ-चिरगांव मार्ग पर
4.88 करोड़ पहाड़ी से मेडिकल वायपास मार्ग पर
52 लाख मेडिकल बाइपास मार्ग पर
50.50 लाख झांसी-ग्वालियर मार्ग पर
शहर में ये हैं ब्लैक स्पॉट्स
पाली-पहाड़ी रोड पर, मेडिकल बाइपास, अग्रसेन चौराहा, जीवनशाह चौराहा, अंसल तिराहा, जेल चौराहा, इलाइट चौराहा
एनएचएआई करा रहा ब्लैक स्पॉट का सेफ्टी ऑडिट
ये हैं ब्लैक स्पॉट का मानक
- किसी सड़क पर तीन सालों में पांच भीषण हादसे होने पर उसे ब्लैक स्पॉट माना जाता है।
- इन हादसों में पांच गंभीर रूप से घायल हुए हों या मौत हुई हो।
- किसी जगह पर तीन साल में 10 मौतें हो जाएं तो भी उसे ब्लैक स्पॉट घोषित कर दिया जाता है।
- आमतौर पर हादसे के आसपास के 500 मीटर के एरिया को ब्लैक स्पॉट माना जाता है।
वर्जन
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ब्लैक स्पॉट में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। हादसों को रोकने के लिए शहर के इन स्थलों पर सुधार की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसे शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही कार्य कराया जाएगा। - राजनाथ गुप्ता, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग झांसी