संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। इस साल गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करने के लिए शासन ने एक महीने पहले ही खरीद केंद्रों को खोल दिया है। लेकिन ऐसा करने से कोई खास फायदा नहीं होगा। क्योंकि, अभी जनपद में गेहूं की कटाई शुरू नहीं हुई है। किसानों की मानें तो जिन लोगों ने नवंबर में बुवाई की वही किसान मार्च में होली के बाद गेहूं की कटाई शुरू करेंंगे। हालांकि, केंद्रों पर प्रशासन की ओर से व्यवस्था दुरुस्त कर ली गई है।
पिछले साल की तरह इस साल खरीदा का लक्ष्य कम न रह जाए इसके लिए शासन ने अभी से कमर कस ली है। इसके लिए एक महीने पहले ही 53 खरीद केंद्र खोल दिए गए। जबकि, 15 केंद्र अभी प्रस्तावित हैं। खरीद केंद्रों पर किसानों के रुकने के लिए टैंट, पानी व हवा के लिए पंखे सहित अन्य इंतजाम कर दिए गए हैं। वहीं, क्रय करने वाली एजेंसियों ने वारदाना और इलेक्ट्रॉनिक कांटे केंद्र पर पहुंचा दिए हैं। यानी खरीद की तैयारी पूरी है, लेकिन होली के पहले किसानों के आने की संभावना नहीं है।
क्योंकि किसान जिन किसानों ने नवंबर में फसल बोई है वह अभी पूरी तरीके से पकी नहीं हैै। तो दूसरी ओर जिन किसानों ने दिसंबर या उसके बाद फसल बोई है उनकी फसल अभी बढ़ने की कगार पर है और अप्रैल के आखिरी सप्ताह में पकेगी। ऐसे में किसान मार्च के अंत और अप्रैल में कटाई शुरू करेंगे। इधर, किसानों ने केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना शुरू कर दिया है। अब तक करीब 125 किसानों के आवेदन प्राप्त किए गए हैं।
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मप्र में बोनस डाल सकता है खरीद पर असर
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में गेहूं की एमएसपी 2425 रुपए प्रति क्विंटल है। लेकिन, मध्य प्रदेश की सरकार 175 रुपए प्रति क्विंटल किसानों को बोनस दे रही है। इस हिसाब से मध्य प्रदेश में 26 सौं रुपए प्रति क्विंटल किसान को दिए जाएंगे। बता दें कि हर साल वहां किसानों को मध्य प्रदेश में बोनस मिलने पर अधिकांश किसान निकटवर्ती मध्य प्रदेश के जिलों की ओर रुख कर जाते हैं। यही कारण था कि पिछले साल 99 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य था पर सिर्फ एक चौथई यानी कि 25 हजार मीट्रिक टन की ही खरीद हो सकी थी। इस साल भी लगभग इतना ही लक्ष्य है पर मध्य प्रदेश की नीति के आगे फिर से लक्ष्य पर अभी से संकट मंडराने लगा है।
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गेहूं की कटाई होली के बाद ही शुरू होती है। इस साल वैसे भी मौसम के कारण फसल को नुकसान पहुंचा है। इसलिए सिंचाई की अधिक जरूरत है। फिलहाल अभी क्रय केंद्रों तक गेहूं पहुंचना असंभव है।
सुरेश राजपूत, कोटखेरा
इस साल मौसम की मार के कारण वैसे भी गेहूं की फसल में दाना कमजोर है। ऊपर से तापमान बढ़ जाने के कारण उनमें अभी भी अधिक से अधिक सिंचाई की जरूरत है। अप्रैल माह तक फसल की कटाई होगी।
चंद्रपाल यादव, पुनावली