सरकारी आवासों में अब बिना पैसा चुकाए बिजली का उपयोग नहीं कर सकेंगे। जल्द ही क्वार्टरों में प्री-पेड मीटर लगेंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने सरकारी आवासों के कनेक्शनों की सूची मांगी है।
महानगर और जनपद की अलग-अलग तहसील और कस्बों में डेढ़ हजार से अधिक सरकारी आवासों में बिजली कनेक्शन हैं। इनमें से सिर्फ पांच सौ ही ऐसे हैं, जो नियमित बिल का भुगतान कर रहे हैं। बाकी कनेक्शनों पर 20 लाख से अधिक बकाया चल रहा है। दरअसल, आवासों में नए अधिकारी या कर्मचारी के आने पर वह पुराना बकाया जमा करने को तैयार नहीं होता हैं। जिसका स्थानांतरण हो जाता हैं, वह अपना अंतिम भुगतान करके नहीं जाता है। इससे बकाये की राशि बढ़ती जाती है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने अब इन झमेलों से बचने के लिए सरकारी कनेक्शनों में प्री-पेड मीटर लगाने का निर्णय लिया है। इससे बकाया होने की संभावना खत्म हो जाएगी। साथ ही जो बकाया अभी चल रहा है उसको नियम के तहत वसूल किया जाएगा।
‘सरकारी आवासों के कनेक्शनों में प्री-पेड मीटर लगाने के लिए मुख्यालय स्तर पर सूची मांगी गई हैं। उम्मीद है कि अप्रैल 2018 से इन मीटरों का लगना शुरू हो जाएगा।’
आरपीएस तोमर, मुख्य अभियंता (वितरण)।
इस तरह लगेंगे
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- पहले चरण में सरकारी आवास कनेक्शन
- दूसरे चरण में सरकारी कार्यालय कनेक्शन
- तीसरे चरण में लाइन हानियों (बिजली चोरी) वाले क्षेत्रों में स्थित घरेलू कनेक्शन।