लॉकडाउन के चलते रमजान के महीने में मुस्लिम बस्तियों व इलाकों में पहले की तरह रौनक तो दिखाई नहीं दे रही हैं लेकिन घरों में इबादत व अकीदत में कोई भी कमी नहीं है। इस भीषण गर्मी में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं व जवान रोजा रखकर अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते उलमा ने शहर की मस्जिदों में नमाज अदा करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है लेकिन अजान और सेहरी का एलान जारी है। सुबह से सेहरी का वक्त शुरू होते ही मुस्लिम घरों में सेहरी की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। शाम को मगरिब के वक्त इफ्तार से पहले मुहल्लों में फलों के कई ठेले दिखाई देने लगते है। रोजेदार इफ्तार के लिए फलों की खरीदारी करते हैं। परिवार के लोग सामाजिक दूरी बनाकर रोजा इफ्तार कर रहे हैं और अल्लाह से कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी से निजात पाने की दुआ मांग रहे हैं। वहीं घरों पर ही तरावीह को अदा किया जा रहा है। रोजेदारों का मानना है की अल्लाह उनकी दुआ को जरूर कबूल करेंगे।