झांसी। महानगर के प्रसिद्ध सेंट जूद श्राइन में नौरोजी प्रार्थनाएं 19 अक्तूबर से शुरू होगी। लेकिन कोरोना के कारण इस बार सामूहिक प्रार्थना सभाएं नहीं होगी। संत जूद की रैलिक जुलूस भी नहीं निकाला जाएगा। देश के पचास हजार से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन जुड़कर प्रार्थना सभाओं में हिस्सा लेंगे।
महानगर का सेंट जूद श्राइन एशिया का बड़ा श्राइन माना जाता है, जो प्रभु यीशु के 12 शिष्यों में से एक सेंट जूद को समर्पित है। यहां हर साल 19 अक्तूबर से 28 अक्तूबर तक नौरोजी प्रार्थना सभाएं होती है। इनमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगभग एक लाख श्रद्धालु जुटते है। हालांकि इस बार कोविड - 19 से बचाव के कारण श्राइन में सामूहिक प्रार्थना सभा नहीं होगी। कम संख्या में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। फादर डेनिस डिसूजा के अनुसार इस बार सामूहिक प्रार्थना सभाएं नहीं होगी और न ही रैलिक जुलूस निकलेगा। प्रार्थना सभाओं का ऑनलाइन प्रसारण होगा। 19 अक्तूबर को सेंट जूड का ध्वज फहराया जाएगा। इसके साथ ही नौरोजी प्रार्थनाएं शुरू हो जाएगी।