सरकार द्वारा ग्रामीणों को किये जा रहे राशन वितरण के दौरान प्रधान और सचिव की पोल खुल रही है। फर्जी जॉब कार्ड बनाने के खेल का खुलासा होने से प्रधान और सचिवों की धड़कनें बढ़ रही हैं। प्रदेश सरकार लॉक डाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा मजदूरों को मुफ्त राशन दे रही है। इस दौरान फर्जी जॉब कार्ड बनाने की लगातार पोल खुल रही है। आलम यह है कि गांव में जो मजदूर हैं,उनके जॉब कार्ड नहीं हैं। जबकि अपात्रों को जॉब कार्ड दे दिए गए हैं। इसे लेकर डीएम के पास शिकायतें पहुंच रही हैं। डीएम ने मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर प्रधान और सचिव परेशान हैं। वहीं ग्रामीण लगातार मनरेगा योजना के मजदूरों की पात्रता की जांच की मांग कर रहे हैं।