अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। चिरगांव के ध्वानी पुल पर रात में सड़क पर बैठी गाय न देख पाने से बाइक सवार संजीव केवट की उससे टकराकर मौत हो गई। संजीव मध्य प्रदेश के सेंधरी थाना अंतर्गत ढिमरपुरा गांव के प्रधान थे। वहीं, परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
निवाड़ी के सेंधरी थाना के ढिमरपुरा गांव निवासी संजीव केवट (35) पुत्र प्रकाश गांव के प्रधान थे। परिजनों का कहना है कि संजीव अपने चचेरे भाई मुरलीलाल के साथ मछली का बीज खरीदने कोलकाता गए थे। रविवार रात दोनों लौटकर झांसी पहुंचे। चचेरा भाई सुखलाल उन्हें लेने बाइक से स्टेशन पहुंचा था। संजीव, मुरारी और सुखलाल उसी बाइक पर सवार होकर गांव लौट रहे थे। चिरगांव पहुंचने पर उन लोगों ने एक ढाबे में खाना खाया। रात करीब डेढ़ बजे बाइक से तीनों घर के लिए रवाना हुए।
ध्वानी पुल पहुंचने पर संजीव को याद आया कि उनका मोबाइल ढाबे में छूट गया। मुरली और सुखलाल को उतारकर मोबाइल लेने जा रहे थे। ध्वानी पुल पर बैठी गाय से टकराकर वह घायल हो गए। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। राहगीरों ने बताया कि अंधेरा होने से वह सड़क में बैठी गाय नहीं देख सके। कुछ देर में परिवार के लोग भी पहुंच गए। परिवार के लोग पुरानी रंजिश की वजह से हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाने लगे। उनका कहना था बाइक में कोई खरोंच नहीं है। वहीं, चिरगांव थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह का कहना है कि स्पीड ज्यादा होने से उनकी बाइक गाय से टकरा गई थी। घटना के समय कुछ प्रत्यक्षदर्शी वहां मौजूद थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।