झांसी। प्रायोगिक परीक्षाएं सिर पर हैं और लैब में ताले लटक रहे हैं। शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में अमर उजाला की पड़ताल में यह बात सामने आई। सिर्फ फिजिक्स की लैब चल रही थी, जबकि केमिस्ट्री और बायोलॉजी की प्रयोगशाला में ताला लटक रहा था।
दिसंबर मध्य से यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू होनी हैं। परीक्षा को लेकर स्कूल और विद्यार्थी कितने तैयार हैं, इसको लेकर अमर उजाला ने शुक्रवार को जीआईसी में जाकर पड़ताल की। दोपहर दो बजे कॉलेज में फिजिक्स की लैब खुली मिली। कुछ देर पहले ही छात्र यहां से प्रैक्टिकल करके गए थे। जबकि, बायोलॉजी और केमिस्ट्री की लैब पर ताला लटक रहा था। विद्यार्थियों से बातचीत करने पर पता चला कि लैब में संसाधनों की कमी है। नियमित प्रैक्टिकल भी नहीं कराए जाते हैं। इस मामले में प्राचार्य पीके मौर्या का कहना है कि सातवां, आठवां पीरियड लैब का होता है। यदि कोई लैब शुक्रवार को बंद रही तो शिक्षकों को नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक नहीं, राम भरोसे कंप्यूटर की पढ़ाई
जीआईसी में पिछले डेढ़-दो साल से कंप्यूटर का कोई शिक्षक नहीं है। जबकि, 80 से 90 छात्र कंप्यूटर की पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षक न होने से पढ़ाई रामभरोसे है। लैब कभी खुलती नहीं है। बताया गया कि लैब की शुरुआत में 50 कंप्यूटर रखे हुए थे। वर्ष 2004 में यहां से कुछ कंप्यूटर तहसील आदि में रखवा दिए गए। 2008 में किसी एजेंसी को राशन कार्ड बनाने का काम सौंपा गया तो कंप्यूटर लैब में ही उनसे काम कराया गया। इसके बाद किसी कंप्यूटर की हार्ड डिस्क गायब हो गई तो किसी का माउस। इस मामले में किसी के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं हुई।