महानगर से 40 किलोमीटर दूर स्थित सुकुवां-ढुकुवां बांध पर टेहरी हाइड्रो डेवलेपमेंट कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड ने जल विद्युत प्लांट तैयार कर लिया है। यहां लगने वाली आठ-आठ मेगावाट की तीन इकाइयों में एक सितंबर से शुरू हो जाएगी। इस बिजली को हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन की हाइटेंशन लाइन में डाला जाएगा।
प्रदेश सरकार ने सुकुवां-ढुकुवां बांध पर पानी की उपलब्धता को देखते हुए नौ साल पहले जल विद्युत प्लांट लगाकर 24 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना को स्वीकृति प्रदान की गई थी। 180 करोड़ की इस योजना को टीएचडीसी लिमिटेड तैयार कर कर रहा है। इस प्लांट को बांध से 800 मीटर दूरी पर तैयार किया गया है।
प्लांट तक बांध का पानी लाने के लिए नहर बनाई गई है। बिजली बनने के बाद यही पानी वापस नदी में छोड़ दिया जाएगा। यहां बनने वाली बिजली को 132 केवीए हाइटेंशन लाइन से हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन तक पहुंचाया जाएगा। ग्रिड फेल या पारीछा की उत्पादन इकाइयां ठप होने पर यह बिजली बेहद मददगार साबित होगी।
टीएचडीसी ने प्लांट का काम लगभग पूरा कर लिया है। सितंबर से आठ मेगावाट की एक यूनिट को चालू करने की तैयारी है। इसके बाद बाकी दो यूनिटों को चालू किया जाएगा। टीएचडीसी के मैनेजर अरविंद गुप्ता ने बताया कि सितंबर तक आठ मेगावाट की पहली इकाई को चालू कर लिया जाएगा। शुरूआत में हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन को बिजली दी जाएगी। बबीना में 220 केवीए ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनने पर बिजली वहां दी जाने लगेगी।
बारह हजार घरों को बिजली
बुंदेलखंड में अभी माताटीला बांध पर 11-11 मेगावाट की तीन जल विद्युत इकाइयां हैं। सुकुवां-ढुकुवां बांध पर जल विद्युत उत्पादन शुरू होने से 24 मेगावाट बिजली झांसी जनपद को मिलने लगेगी। अगर एक घर में दो किलोवाट का भार है तो इस हिसाब से 24 मेगावाट में बारह हजार घरों को बिजली दी जा सकती है। दो सबस्टेशनों से जुड़े क्षेत्रों को रोशन किया जा सकता है। गर्मी में लोड बढ़ने पर यह योजना खासी कारगर होगी।