साथ ही यह भी तय हुआ कि है कि अब उन लोगों पर भी जुर्माना ठोंका जाएगा जो अपने पालतू जानवरों को सड़कों और मैदानों में खुला छोड़ देते हैं।
नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि अधिकारियों और विशेषज्ञों से विचार-विमर्श के बाद छुट्टा जानवरों के लिए प्लान बन गया है। बिजौली में आश्रय स्थल बनाया जाएगा, जहां दो सौ जानवरों को रखा जा सकेगा। वहां चार बड़े शेड बनाए जाएंगे, जिनके तले जानवर सुरक्षित रहेंगे। साफ पानी उपलब्ध करवाने के लिए बोरिंग करवाई जाएगी और भूसा स्टोर भी बनेगा। छुट्टा जानवरों को पकड़कर वहीं रखा जाएगा और इसके बाद उनके रखवालों की पहचान कर उन्हें नोटिस भिजवाया जाएगा।
प्रति जानवर पांच सौ रुपए और दो हजार रुपए तक वसूले जाएंगे। साथ ही जानवरों के रखने और उनके चारे का पैसा भी लिया जाएगा। कुछ दिन इंतजार के बाद भी जानवरों का कोई दावेदार नहीं आता तो उसे बेच दिया जाएगा। यह प्रस्ताव शासन को भिजवा दिया गया है और उम्मीद है कि इसे शीघ्र ही स्वीकृति मिलेगी।
छुट्टा जानवर हो तो स्वयं भेजें गोशाला
गोशाला से जुड़े पीयूष रावत ने कहा है कि यदि कोई चाहे तो वह गोवंश को ओरछा स्थित सुरभि गोशाला भिजवा दे। वहां उसकी देखरेख और सेवा होगी। रावत का सुझाव है कि नगर निगम शहर के बीचोंबीच यदि गोशाला बनवा दे तो इसमें पर्याप्त गोवंश रखे जा सकेंगे।