फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्नातक में समान कोर्स लागू करने पर सहमति

Tue, 10 Apr 2018 01:04 AM IST
amarujala
विज्ञापन
exam, jhansi news - फोटो : demo
विज्ञापन
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में सोमवार को प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा गुणवत्ता सुधारने को लेकर कुलाधिपति द्वारा गठित समिति की पहली बैठक हुई। बैठक में स्नातक स्तर पर समान कोर्स लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी। साथ ही कोर्स में कौशल विकास से जुड़ा एक प्रश्नपत्र अनिवार्य करने का भी सुझाव दिया गया। ताकि, सामान्य स्नातक की पढ़ाई करने के बाद विद्यार्थी के पास रोजगार के अवसर रहें।
विज्ञापन


बैठक की अध्यक्षता कर रहे बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने बताया कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्र-छात्राओं में कौशल विकास पर जोर देने के लिए समान न्यूनतम कोर्स लागू करने पर विचार किया गया। समिति ने सर्वसम्मति से सैद्धांतिक सहमति दी कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर समान कोर्स लागू हो। इसमें 60 प्रतिशत कोर्स समान हो और 40 फीसदी विश्वविद्यालय द्वारा विशिष्टता, स्थानीयता को ध्यान में रखकर बनाया जाए। वहीं, स्नातक कोर्स में एक प्रश्नपत्र कौशल विकास से जुड़ा होना आवश्यक है। विद्यार्थी सामान्य स्नातक उपाधि प्राप्त करने के बाद रोजगार भी पा सकें, इसको लेकर भी बैठक में विचार किया गया।

कुलपति ने बताया कि अब तीन चरणों में आगे की कार्रवाई करने का सुझाव दिया गया है। पहले चरण में सभी विश्वविद्यालयों से स्नातक कोर्सों की सूची मांगी जाए। दूसरे चरण में सूची के आधार पर विश्वविद्यालयों को कुछ-कुछ विषयों के कोर्स तैयार करने के लिए शासन द्वारा निर्देश दिया जाए। तीसरे चरण में एक ही कोर्स में अलग-अलग आए हुए विषयों का सम्यक परीक्षण पांच सदस्यीय टीम से कराया जाए। इसमें सर्वोत्तम विषय को सभी विश्वविद्यालय के लिए लागू किया जाए। बैठक में आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित, बरेली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला, अपर सचिव उच्च शिक्षा आरके चतुर्वेदी, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. यूएन द्विवेदी, गोरखपुर यूनिवर्सिटी के पीवीसी प्रो. श्रीकांत दीक्षित मौजूद रहे।   
विज्ञापन


ये सुझाव भी दिए
कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने बताया कि समिति ने यह अनुभव किया है कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कोर्स के अलावा कुछ अन्य कार्य भी होने चाहिए। जैसे कि प्रवेश कार्य पूरा होने के साथ ही परीक्षा शुरू होने की तिथि और रिजल्ट निकलने की अंतिम तिथि घोषित कर दी जाए। राजभवन की मंशानुसार नवंबर तक विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह हो जाएं। प्रवेश होने के तुरंत बाद लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के आधार पर विश्वविद्यालय एक तिथि में छात्रसंघ चुनाव कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें