संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पॉलिटेक्निक की विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 14 फरवरी को समाप्त हुई हैं। अब इनकी कॉपियों को जांचने का काम किया जाना है। ऐसे में पारदर्शिता की दृष्टि से इनको स्वकेंद्र पर नहीं जांचा जाएगा। मुख्यालय के आदेश पर दूसरे जिलों में इन कॉपियों को भेजा जा रहा है। इसी क्रम में झांसी में भी लगभग 20 हजार कॉपियां आई हैं। इनको स्ट्रॉग रूम में रखवाया गया है, सोमवार से कॉपियां जांचने का काम शुरू होगा।
नई व्यवस्था के तहत कॉपियों पर शहर का नाम अंकित न होकर केवल कोड लिखा गया है। जिससे इनके शहर की पहचान नहीं हो पाएगी। शिक्षक सिर्फ कॉपियों की जांच कर पाएंगे, न ही यह जान पाएंगे कि यह कॉपियां कहा से हैं। अफसरों का मानना है कि स्वकेंद्र पर कॉपियां जांचने से इनमें हेरफेर की आशंका रहती है। इसलिए इन्हें दूसरे शहरों में भेजा जाता है। प्रधानाचार्य एलएस यादव के अनुसार परीक्षा की कॉपियां जांचने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें किसी तरह का हेरफेर न हो इसके लिए कैमरों की निगरानी में कॉपियों की जांच होगी।