जिले में चौतरफा मजदूरों की आवाजाही होने के बाद जहां जिले में कोरोना संक्त्रस्मण का खतरा बना है वहीं पुलिस अधिकारी भी इससे दहशत में हैं। उनको भी हर समय कोरोना का डर सता रहा है। पुलिस अधिकारियों ने दिनचर्या में भी बदलाव किया है। ड्यूटी के दौरान घर पहुंचने के बाद अफसरों ने परिवार के लोगों से दूरी बना ली है। अधिकारी अलग कमरे में रहने लगे हैं। वहीं पर खाना व सोना भी कर रखा है, ताकि परिजन सुरक्षित रह सकें। लॉॅकडाउन के बाद से ही जिले से प्रवासी मजदूरों का निकलना जारी है। दस दिन से निकलने वाले मजदूरों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। जिले के बॉर्डर थानों पर थाने की पुलिस के साथ-साथ अफसरों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। झांसी जिले में बॉर्डर थानों की कमान एसपी सिटी राहुल श्रीवास्तव व एसपी देहात राहुल मिठास को सौंपी गई है। जो प्रतिदिन तड़के बॉर्डर थाने पहुंचकर मजदूरों की जानकारी जुटाते हैं। किसी तरह की अव्यवस्थाएं न फैले, इसको लेकर सामने ही सभी का आवागमन कराते हैं। यह सिलसिला दिन भर चलता है। ऐसे में प्रतिदिन मजदूरों के संपर्क में आने के कारण अधिकारी कोरोना को लेकर दहशत में आ चुके हैं, लेकिन ड्यूटी का फर्ज निभाने में यह पीछे नहीं हैं। सीओ व थानेदार भी संभाले हैं मोर्चा इन कठिन परिस्थितियों में अधिकारियों के साथ-साथ जिले के सारे सीओ व थानेदार लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। बॉर्डर थानों में पूंछ, रक्सा, मऊरानीपुर व बबीना में सीओ के साथ करीब 7 थानेदार दिन भर बदल-बदल ड्यूटी करते हैं। इन सभी को भी कहीं न कहीं कोरोना संक्त्रस्मण का हर समय डर बना हुआ है। लॉकडाउन के बाद से ही परिजनों से दूरी बना रखी है। दिन भर में बहुुत ही कम मिलना होता है। हमारे पुलिसकर्मी भी कोरोना संक्त्रस्मित हो चुके हैं, तब से डर है। बॉर्डर थानों पर मजदूरों से रोज आमना-सामने होने के बाद परिवार के लोगों से दूर हूं। अलग कमरे में रहकर सारा काम वहीं पर होता है। राहुल श्रीवास्तव, एसपी सिटी मैंने भी अपना अलग कमरा कर रखा है। घर पहुंचते ही बाहर ही सैनिटाइज होने के कपड़े बदलकर बाथरूम में जाते हैं। नहाने के बाद अपने दूसरे कमरे में जाकर भोजन करते हैं। यह सिलसिला कई दिनों से चल रहा है। परिजनों से काफी हद तक दूरी बना रखी है, ताकि उनको किसी तरह का कोई खतरा न हो। राहुल मिठास, एसपी देहात