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बड़े मामले सुलझाने में उलझी पुलिस

Sat, 05 Aug 2017 01:08 AM IST
amarujala
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police jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। 
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महानगर में पिछले एक से अपराध की बाढ़ आ गई है। कई बड़ी वारदातें हुईं, लेकिन पुलिस उन्हें सुलझा नहीं सकी है। न तो कारोबारियों को अगवा करने वाले पकड़े गए और न ही कई इलाकों में लूट और चोरी करने वाले पुलिस की गिरफ्त में आए। कुछ मामलों की तो पुलिस ने रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की। इससे दहशत का माहौल बन रहा है। 
विगत 31 जुलाई को व्यापारी बृजबिहारी सोनी के मुनीम विनोद पाल के साथ एसबीआई स्टेशन शाखा के पास से बाइक सवार बदमाशों ने सोमवार को दिन दहाड़े 2.49 लाख रुपये लूट लिए थे। सीसी टीवी फुटेज में एक बदमाश की पहचान भी हो गई थी, परंतु पुलिस के हाथ अब तक बदमाशों तक नहीं पहुंच पाए हैं। इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की गई है, कुछ पता नहीं लगा। इसी तरह बीती एक अगस्त से सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के नंदनपुरा सरयू विहार कॉलोनी निवासी महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज से एडिशनल डायरेक्टर के पद से रिटायर डॉ. राजेंद्र गुप्ता की पत्नी मीरा गुप्ता को बदमाशों ने बंधक बनाकर लूटपाट की थी। इस घटना में भी पुलिस के अभी तक हाथ खाली है। इसके अलावा चोरी, लूट और टप्पेबाजी की भी घटनाएं हुईं लेकिन बदमाश पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
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नंदनपुरा चौराहे पर अराजक तत्वों का जमावड़ा 
शाम होते ही नंदनपुरा चौराहे और आसपास अराजकतत्वों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। उधर से महिलाओं का निकलना मुश्किल होता है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि वहां पुलिस तैनात की जाएगी।  

पुलिस अपना काम कर रही है: डीआईजी 
डीआईजी जवाहर ने कहा कि कभी-कभी अपराध का दौर आता है। इससे पुलिस के कामकाज पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। पुलिस अपना काम कर रही है। शीघ्र ही सभी आपराधिक वारदातों का खुलासा हो जाएगा।
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एसएसपी से दोटूक.... 
सवाल- आप मानते हैं कि पिछले एक माह में अपराध बढ़े हैं?  
जवाब-  यह सही है। हम शीघ्र ही अपराध नियंत्रण में कामयाब होंगे। इस पर काम कर रहे हैं। 
सवाल- मुनीम के साथ हुई लूट और रिटायर्ड मेडिकल अफसर के घर लूट हुई, पर लुटेरे अभी तक क्यों नहीं पकड़े गए?
जवाब- रिटायर्ड मेडिकल अफसर के घर लूटपाट के मामले में सुराग लगा है। शीघ्र ही लुटेरे पकड़े जाएंगे।  
सवाल- क्या अपराध बढ़ने का कारण पुलिस का मुखबिर तंत्र कमजोर होना है? 
जवाब - ऐसा नहीं है। दरअसल अपराध में नए चेहरे सामने आते जा रहे हैं। इससे उन तक पहुंचने मेें थोड़ा समय लग जाता है, लेकिन पकड़े जरूर जाएंगे। 

सवाल - क्या बढ़ते अपराधों में बाहरी गैंग हो सकता है? 
जवाब- इससे इंकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि हम सभी पुराने अपराधियों से पूछताछ कर चुके हैं और उन पर निगाह जमाए हुए हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इससे लगता है कि अपराध करने वाले बाहरी हो।  
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बड़ी वारदातें
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7 जून  - दतिया गेट निवासी सुनीता को मंगलसूत्र छीना गया। 
19 जून-शिवाजी नगर निवासी कस्तूरी देवी की चेन लूटी गई।
27 जून- नरसिंह राव टौरिया निवासी कोमल विश्वकर्मा का पर्स छीना। 
12 जुलाई- सराफा कारोबारी राजू कमरया और राहुल का अपहरण।
29 जुलाई- प्रेमगंज निवासी रामकली की जंजीर और झुमकी छीनी।
29 जुलाई-दादपुरा गांव निवासी महेंद्र और उनकी पत्नी मीरा को जहरखुरानों ने शिकार बनाया। मीरा की मौत।
30 जुलाई- मिशन कंपाउंड में सरला की सोने की चेन लूटी गई।
31 जुलाई- मुनीम विनोद पाल और एक अन्य कर्मचारी से 2.49 लाख लूटे।
31 जुलाई- थापक बाग निवासी अवधेश वर्मा के तीस हजार रुपये छीने।
01 अगस्त- सरयू विहार कालोनी मेें रिटायर्ड मेडिकल अफसर डॉ. आरपी गुप्ता के घर में घुसकर लूटपाट। पत्नी मीरा को बदमाशों ने बुरी तरह पीटा।  
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