वीरांगना नगर में पार्क की जमीन पर कब्जा जमाए पुलिसकर्मी। अमर उजाला
झांसी। अपराधों पर लगाम लगाने के लिए करीब तीन दशक पहले मेडिकल कॉलेज के पास स्थित वीरांगना नगर में पार्क की लगभग पांच सौ वर्ग मीटर जमीन पर अस्थायी पुलिस चौकी का निर्माण कराया गया था। लेकिन साल 2001 में झांसी-कानपुर मार्ग पर विश्वविद्यालय चौकी बना दी गई थी। तब से अस्थायी चौकी को खत्म कर दिया था। पुरानी पुलिस चौकी के नाम से पहचानी जाने वाली पार्क की जमीन पर कई साल से एक पुलिस कर्मी कब्जा जमाए हुए है।
झांसी विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1991 में वीरांगना नगर कॉलोनी को विकसित किया था। जेडीए द्वारा वर्ष 2011-12 में कॉलोनी को नगर निगम को सौंप दिया था। कॉलोनी वासियों को बेहतर वातावरण देने के लिए इलाके में छह पार्क बनाए गए थे। शुरूआती दौर में आबादी कम होने के कारण लोगों की आवाजाही कम होती थी। जिसके चलते वहां पर लूट की घटनाएं अधिक होती थी। कॉलोनी के लोगों द्वारा इलाके में पुलिस चौकी की मांग करने पर वीरांगना कॉलोनी के पार्क की जमीन पर अस्थायी पुलिस चौकी को खोला गया था। बाद में विश्वविद्यालय चौकी का निर्माण होते ही इस चौकी को खत्म कर दिया था। शुरूआत में तो पुरानी पुलिस चौकी खाली डली रही। लेकिन कुछ वर्षों से एक पुलिसकर्मी कब्जा जमाए हुए है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायतें भी की गईं। लेकिन नगर निगम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
मामला संज्ञान में नहीं है। प्रकरण की जांच के लिए मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच के बाद अतिक्रमण को हटाकर पार्क का निर्माण कराया जाएगा। शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त।
वीरांगना नगर कॉलोनी को विकसित कर नगर निगम के हवाले कर दिया गया है। अब कब्जा व अतिक्रमण को हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम द्वारा की जाएगी। सर्वेश कुमार, उपाध्यक्ष जेडीए।