तालबेहट (ललितपुर)। बुधवार को जंगल से लकड़ी काटने को लेकर हुए विवाद में थाना पूराकलां क्षेत्र के ग्राम एवनी निवासी बसपा नेता की पुलिस ने थाने लाकर पिटाई की, इससे उसकी हालत बिगड़ गई। घटना की जानकारी होने पर ग्रामीणों में रोष फैल गया। उन्होंने रात में तालबेहट- पूराकलां सड़क जाम कर पुलिस की गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक सुनील त्रिपाठी को निलंबित कर दिया है। सड़क जाम व पथराव किए जाने के मामले में डेढ़ सौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
बुधवार को दोपहर तीन बजे थाना पूराकलां क्षेत्र अंतर्गत ग्राम एवनी निवासी बसपा सेक्टर प्रभारी दयाली अहिरवार का पुत्र ट्रैक्टर- ट्राली में जलाऊ लकडी लेकर आ रहा था। वन रक्षक बृजेंद्र कुमार शर्मा ने रास्ते में ट्रैक्टर ट्राली को रोककर हरे पेड़ काटने की अनुमति दिखाने के लिए कहा। इस पर बसपा नेता के पुत्र और वन रक्षक में विवाद होने लगा। जानकारी होने पर बसपा नेता व परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वन रक्षक से गाली गलौज कर वे लकड़ी से भरी गाड़ी लेकर गांव चले गए। वन रक्षक ने पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दे दी। सूचना पर पुलिस दयाली के घर पहुंची। पुलिस वहां से दयाली को पकड़कर अपने साथ थाना पूराकलां ले गई। आरोप है कि थाने में पुलिस ने उसके साथ मारपीट की, जिससे दयाली की हालत बिगड़ गई। यह देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए। दयाली को पुलिस जीप से उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट ले जाया गया।
इसी दौरान कई ग्रामीणों ने पुलिस की जीप को ग्राम सुनौरी के पास रोक लिया। ग्रामीणों ने पुलिस की पिटाई से बेसुध दयाली को जीप में पड़ा देखा तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। किसी तरह दयाली को उपचार के लिए तालबेहट ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत होने पर मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया। पुलिस की पिटाई के विरोध में रात में ही ग्रामीणों ने तालबेहट- पूराकलां मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। पथराव किया, जिससे पुलिस की गाड़ियों के कांच टूट गए। मौके पर गए अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया, पर वे नहीं माने। बाद में रात करीब बारह बजे जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल और पुलिस अधीक्षक कैप्टन मिर्जा मंजर बेग सहित अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों की बात को सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।