झांसी। एक आईपीएस अधिकारी के हड़काने पर नवाबाद थाना पुलिस को पकड़ा गया जेबकतरा थाने से छोड़ना पड़ा। हिदायत ऐसी मिली कि उससे कारोबारी की जेब से एक लाख रुपये पार करने के बारे में पूछताछ भी नहीं की गई। अब उसको दबोचने के लिए पुलिस सबूत एकत्रित कर रही है। वहीं पुलिस ने जल्द मामले के खुलासे का दावा किया है।
21 अप्रैल को मोंठ के किताब-कॉपियों के कारोबारी भगत राम शहर से थोक में माल खरीदने के लिए आए। उनके साथ दुकान पर काम करने वाला युवक दीपेश साहू था। वह झांसी बस स्टैंड से आपे में सवार हो गए। आपे में दो युवकों ने कारोबारी की जेब काटकर एक लाख रुपये पार कर दिए और बाइक से भाग निकले थे। बदमाशों की तलाश में जुटी नवाबाद पुलिस ने कारोबारी, उसके साथ आए युवक व आपे चालक को जेब कटों के फोटो दिखाए, जिनमें से एक को तीनों ने पहचान लिया, जो बरुआसागर का रहने वाला है। पुलिस ने पीछा करके बाइक समेत जेबकतरे को दबोच लिया। जब उसे थाने लाया गया तो तीनों ने उसे पहचान लिया।
पुलिस ने उसकी लोकेशन सर्विलांस से खंगाली तो पता चला कि वारदात के समय वहीं था। वह बरुआसागर से झांसी बस स्टैंड आया था। चूंकि वह जेबकतरी की तमाम वारदातों को अंजाम दे चुका है, इसलिए पुलिस को उस पर पूरा शक था। जब तक पुलिस उससे पूछताछ करती तब तक एक आईपीएस अधिकारी ने थानेदार को फोन करके निर्दोष को पकड़ने की बात कहकर हड़का दिया।
उन्होंने कहा कि पकड़े गए युवक की मां व बहन थाने पर आई हैं और रो रही हैं। किस सबूत के आधार पर उसे हिरासत में लिया गया है। जब तक थानेदार कोई बात कहता तब तक आईपीएस ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ‘पकड़ा गया लड़का निर्दोष है। उसे छोड़ दो। आगे कुछ नहीं सुनना है।’ इसके बाद थाने से पकड़े गए जेबकतरे को छोड़ दिया गया।
थानाध्यक्ष आशीष मिश्र का कहना है कि एक लाख रुपये की जेब कटी का जल्द खुलासा होगा। छोड़े गए जेबकतरे के बारे में तथ्य जुटाए जा रहे हैं। सर्विलांस से स्पष्ट हो गया है कि वह वारदात स्थल पर था। चूंकि उसने कई जेब कटी की वारदातों को अंजाम दिया है, इसलिए पूरा शक उसी पर है। जल्दी ही उसे और उसके साथियों को गिरफ्तार करके एक लाख रुपये की जेब कटी का खुलासा कर दिया जाएगा।