झांसी। मुठभेड़ के दौरान एक लुटेरा गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत सात बदमाशों को मौके से पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान बदमाशों ने व्यापारी के साथ वारदात की बात कुबूल की। सभी बदमाशों को लिखा-पढ़ी के बाद जेल भेज दिया गया।
एसपी ग्रामीण राहुल मिठास ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि मऊरानीपुर, ग्राम स्यावरी निवासी पशु कारोबारी राजू एवं मनोज के यहां मनोज खटिक काम करता था। मनोज ने इन पशु कारोबारियों को लूटने का प्लान बनाया। मनोज को मालूम था कि दोनों पशु खरीदने के लिए लाखों रुपया नकद लेकर आते-जाते हैं। कई दिनों तक दोनों की मनोज ने रेकी की। मंगलवार देर-रात राजू स्कार्पियो कार से पशु खरीदने मंडी निकला। उसके पास करीब तेरह लाख रुपये नकद थे। मनोज ने तुरंत प्लान के मुताबिक अपने साथियों को इकट्ठा किया।
सभी घात लगाकर कोटरा नहर के पास छिप गए। रात करीब सवा बारह बजे गश्त पर निकले मऊरानीपुर निरीक्षक शैलेंद्र सिंह ने इन युवकों को देखकर पूछताछ शुरू कर दी। सभी युवक वहां से नहर की ओर भागने लगे। पुलिस ने पीछा शुरू कर दिया। इसी बीच एक युवक ने तमंचे से फायर झोंक दिया। फायर मिस होने पर पुलिस फोर्स ने सभी बदमाशों को मौके पर दबोच लिया। एसपी ग्रामीण के मुताबिक मौके से मोहन खटिक के अलावा राहुल, सचिन, संजू यादव, सुरेंद्र रायकवार, रामजी तिवारी एवं आकाश त्रिपाठी पकड़े गए। इनके पास से सात तमंचे, कारतूस समेत चोरी की एक मोटर साइकिल बरामद हुई। एसपी के मुताबिक संजू यादव का ही आपराधिक इतिहास है जबकि दूसरे पहली बार जरायाम में शामिल हुए। अरोपियों में सभी मध्यप्रदेश के छतरपुर इलाके के रहने वाले हैं। लिखा-पढ़ी के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।