झांसी। बृहस्पतिवार को उज्जैन में महाकाल की चौखट पर सरेंडर करने वाले विकास दुबे को लेकर कानपुर जा रही एसटीएफ ने जैसे ही यूपी की सीमा में प्रवेश किया झांसी, जालौन और कानपुर जिले को अलर्ट कर दिया गया। इन जिलों के अंतर्गत हाईवे की सीमा पर आने वाले सभी 8 थानों का फोर्स जगह-जगह मुस्तैद था। झांसी में रक्सा बार्डर को तो छावनी बना दिया गया। तड़के 3.10 बजे विकास दुबे को लेकर जाने वाली गाड़ियां यहां से पास हुईं। एसपी देहात खुद जालौन की सीमा तक छोड़कर आए। भोर 4.30 पर पुलिस अपनी जगह से हटी। बाद में सूचना आ गई कि विकास दुबे को एनकाउंटर में मार दिया गया है।
आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे को एसटीएफ की तीन गाड़ियां लेकर कानपुर के लिए चली थीं। अगर पुलिस के अफसरों की मानें तो दस बजे उन लोगों को मैसेज मिला था कि विकास दुबे झांसी के रास्ते कानपुर ले जाया जा रहा है लिहाजा रात 10.30 पर मध्यप्रदेश-यूपी बार्डर (रक्सा) पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इंस्पेक्टर, सीओ के साथ एसपी स्तर तक के अधिकारी यहां पहुंच गए थे। विकास दुबे को लेकर एसटीएफ की गाड़ियां तड़के 3.10 पर यहां पहुंचीं। गाड़ियों की रफ्तार 70 से 80 के बीच थी। कुछ जगह रफ्तार इससे अधिक थी। बताया जाता है कि बीच की गाड़ी में विकास दुबे बैठा हुआ था। हाईवे पर रक्सा से कानपुर की दूरी 240 किलोमीटर है और रक्सा, चिरगांव, मोंठ, एट, जालौन, कालपी, कानपुर देहात और भौंती थाने पड़ते हैं। इन सभी को पहले ही अलर्ट कर दिया गया। इन थानों की फोर्स अपनी अपनी लोकेशन पर हाईवे पर थी।
हाईवे पर पांच टोल पार किए थे
विकास दुबे को लेकर निकली एसटीएफ ने पांच टोल पार किए। हर टोल पर पुलिस मौजूद रही। इनमें रक्सा, चिरगांव, एट, जालौन का नाला टोल और कानपुर देहात का बारा जोड़ था।
कार में बैठा विकास टोल प्लाजा पर मीडिया को देखकर उन्हें नजर आने की कोशिश करने लगा
झांसी। रक्सा टोल प्लाजा पर विकास को लेकर एसटीएफ पहुंची थी। वह बीच की गाड़ी में बैठा था। यहां मौजूद मीडिया वालों को देखकर विकास उन्हें नजर आने की कोशिश करने लगा। सीट पर पीछे की तरफ बैठा यह दहशतगर्द अचानक आगे की तरफ झुककर शीशे से झांकने की कोशिश कर रहा था। वह कार में अपनी मौजूदगी को दर्शाना चाहता था। यह भी हो सकता है कि उसे किसी अनहोनी का आभास होने लगा हो। उसने एक बार सीट से पीछे की तरफ भी देखने की कोशिश की थी। लेकिन इसके बाद एसटीएफ वालों ने उसे पीछे की तरफ नहीं देखने दिया और सीधा बैठा दिया था। एसटीएफ की गाड़ियों के साथ कुछ दूर मीडिया वाले चले भी लेकिन फिर उन्हें रोक दिया गया था।
रक्सा बार्डर से एसटीएफ की गाड़ियां गुजरते ही 55 मिनट तक बंद रहा झांसी-कानपुर हाईवे
झांसी। विकास दुबे को लेकर एसटीएफ 3.10 पर रक्सा बार्डर पर पहुंची थी। जैसे ही एसटीएफ की तीन गाड़ियों ने रक्सा टोल पार किया पुलिस ने पीछे की सभी गाड़ियों को रोक दिया था। करीब 55 मिनट तक हाईवे पर किसी भी वाहन को नहीं जाने दिया गया। जब विकास दुबे को लेकर जा रही एसटीएफ ने मोंठ क्षेत्र को पार कर लिया तब वाहनों का आवागमन शुरू हुआ। इस बीच हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।
उज्जैन से विकास दुबे को लेकर पहुंची एसटीएफ ने झांसी के रक्सा बार्डर पर यूपी में प्रवेश किया था। एसटीएफ के पहुंचने से पहले ही भारी फोर्स को कॉल कर लिया गया था। जब एसटीएफ पहुंची तो यहां पुलिस अधिकारी भी थे। तीनों गाड़ियां जब यहां से गुजर गईं तो पीछे चल रहे सभी वाहनों को रोक दिया गया। 3.10 से भोर के 4 बजे तक हाईवे पूरी तरह से बंद रहा। यहां मौजूद एसपी सिटी राहुल श्रीवास्तव पर जब फोन आया कि एसटीएफ ने मोंठ थाना क्रास कर लिया है तब वाहनों का आवागमन शुरू कराया गया। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से यह किया गया था।