झांसी। करोना काल के दंश से उभरने व रेहड़ी, पटरी दुकानदारों के नुकसान की भरपाई करने के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत बिना गारंटी दस हजार का ऋण दिया जाना सुनिश्चित किया गया था। योजना का लाभ लेने के लिए तेरह हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया था। लेकिन अब तक कुल छह हजार से अधिक लोगों को ही ऋण मिल सका है।
लॉकडाउन के दौरान प्रभावित हुए फेरी, पटरी, ठेला, फल, सब्जी, लॉंड्री, सैलून, पान की दुकान व छोटी दुकानें चलाने वालों को फिर से काम शुरू करने व उनको साहूकारों के चंगुल से बचाने के लिए सरकार द्वारा पीएम स्वनिधि योजना योजना को शुरू किया गया था। इसके लिए सरकार द्वारा लक्ष्य भी तय किया गया था। योजना के तहत आसन किश्तों में रकम की अदायगी को भी शामिल किया गया था। वहीं समय पर किस्तों को भरने पर छूट का भी प्रावधान रखा गया था।
योजना के संचालन की जिम्मेंदारी नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को दी गई थी। योजना का लाभ लेने के लिए शहर भर में 13406 लोगों ने आवेदन किया था। लेकिन बैंकों की लापरवाही के कारण अब तक कुल 6172 लोगों को ऋण मिल सका है। जिसके चलते अब तक कई लोग योजना का लाभ लेने से वंचित हैं। इस संबंध में जिला परियोजना अधिकारी संगीता सिंह ने बताया कि आवेदनों को स्वीकृत कर बैंकों को भेज दिया गया है। किसी भी आवेदन करने वाले व्यक्ति को किसी भी तरह की समस्या आने पर तुरंत ही डूडा कार्यालय में संपर्क करें। प्राथमिकता पर समस्या का निस्तारित किया जाएगा।