सत्यापन के पचड़े में फंसी पीएम सम्मान निधि सवा लाख से अधिक किसानों के खाते में नहीं आई पांचवी किस्त सिर्फ 93 हजार किसानों तक ही पहुंचा पैसा झांसी। खातों के सत्यापन न हो पाने से पीएम किसान सम्मान निधि की पांचवी किस्त से करीबक सवा लाख किसान वंचित हैं जबकि अगले माह छठवीं किस्त भी जारी होनी है। ऐसे में परेशान किसान कृषि अधिकारियों के चक्कर काट रहे लेकिन, उनको राहत नहीं मिल रही। किसानों की आय बढ़ाने को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आरंभ की। शुरूआत में इसे सिर्फ दो हेक्टेयर से कम भूमि रखने वाले किसानों के लिए आरंभ किया गया लेकिन, पिछले वर्ष इसे सभी किसानों के लिए खोल दिया गया। इसके साथ आधार एवं बैंक को लिंक करने को अनिवार्य कर दिया गया। यहीं से गड़बड़ी आरंभ हो गईं। बड़ी संख्या में ऐसे किसान सामने आए जिनके आधार एवं बैंक पासबुक में दर्ज नाम सत्यापित नहीं हो सके। लॉक डाउन अवधि के भीतर यह काम पूरी तरह ठप रहा। इस वजह से बड़ी संख्या में किसानों के खाते में सम्मान निधि का पैसा नहीं पहुंचा। कृषि विभाग के आकड़ों के मुताबिक 2.31 लाख किसान पात्र माने गए। इनमें सर्वाधिक 2.21 लाख किसानों को ही प्रथम किस्त मिली। उसके बाद लाभार्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। दूसरी किस्त महज 2.08 लाख किसानों को मिली। तीसरी किस्त 1.86 लाख किसानों को एवं चौथी किस्त 1.52 लाख किसानों को ही दी गई है। पांचवी किस्त दो माह पहले जारी हो चुकी लेकिन यह अभी सिर्फ 93553 किसानों के ही मिली जबकि करीब सवा लाख किसानों के खाते में अब तक पैसा नहीं पहुंचा। वहीं, अगले माह ही छठवीं किस्त भी जारी होने वाली है। इनसेट सलाना छह हजार रुपये की मदद पीएम सम्मान निधि के जरिए किसानों को प्रति माह पांच सौ रुपये दिए जाने हैं। हर तीन माह में पंद्रह सौ रुपये की किस्त उनके खाते में भेजी जाती है। जिन किसानों के खाते में पैसे पहुंचे उनको लॉकडॉउन के दौरान काफी मदद मिली लेकिन, बड़ी संख्या में किसान इससे वंचित ही रह गए। 0000000 आधार एवं बैंक खाते में असमानता वाले खातों में ही राशि नहीं भेजी गई। उसे सुधारने का काम चल रहा है। जिन किसानों के खाते में सही मिलेंगे, उनमें राशि भेज दी जाएगी। कमल कटियार उप कृषि निदेशक