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पीएम आवास योजना में सेंध, कई ने फर्जी तरीके से हासिल किया अनुदान

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पीएम आवास योजना में सेंध, कई ने फर्जी तरीके से हासिल किया अनुदान
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सैयद तारिक अली
झांसी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में भी सेंध लगा दी गई है। कई लोगों ने गलत तथ्यों के आधार पर सरकारी अनुदान हासिल कर लिया है। शिकायतों के आधार पर हुई जांच में इसका खुलासा हुआ है। इस पर 22 लाभार्थियों से अनुदान राशि वापस ले ली गई है। जांच अभी जारी है। कई लोगों के फंसने की संभावना है।
हर किसी का अपना घर हो, इसी उद्देश्य के साथ केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना संचालित की जा रही है। इसे शहरी और ग्रामीण अलग-अलग वर्गों में संचालित किया जा रहा है। योजना के तहत निम्न आय वर्ग के लोगों को घर बनाने के लिए सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही बने बनाए मकान भी उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत जिले में 20,973 लोगों के आवेदनों को स्वीकृत किया गया था। इसमें से 1,056 को प्रथम किस्त पचास हजार रुपये, 7,052 को दूसरी किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये व 1,774 लाभार्थियों को अंतिम किस्त के रूप में पचास हजार रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसी दरम्यान नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को गलत तथ्यों के आधार पर अनुदान राशि हथियाने की चालीस शिकायतें प्राप्त हुईं। इसके आधार पर विभाग की ओर से जांच शुरू कर दी गई। इसमें 22 मामले में गड़बड़ी पकड़ी गई है। कुछ लोगों ने आय अधिक होने के बाद भी अनुदान हासिल कर लिया, तो किसी के पास पहले से मकान होने के बाद भी अनुदान ले लिया। इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया। इन सभी से अनुदान राशि वापस ले ली गई है। अन्य शिकायतों की जांच अभी जारी है।
यह है योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आय तीन लाख रुपये सालाना से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही उसका खुद का पक्का मकान भी नहीं होना चाहिए। योजना के तहत सरकार की ओर से मकान बनाने के लिए ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। एक लाख तैंतीस हजार रुपये लाभार्थी को स्वयं खर्च करने का नियम है। लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए पचास हजार रुपये, मकान का फाउंडेशन होने पर डेढ़ लाख रुपये व मकान का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर अंतिम किस्त पचास हजार रुपये के रूप में अदा की जाती है।
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तथ्यों को छुपाकर व गलत अभिलेखों के सहारे अनुदान लेने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। गड़बड़ी पकड़े जाने पर बाइस लोगों से अनुदान राशि वापस ले ली गई है। कुछ अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। योजना सरकार द्वारा नि:शुल्क चलाई जा रही है। किसी भी कर्मचारी द्वारा रुपयों की मांग की जाती है, तो तुरंत ही अवगत कराएं, कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- संगीता सिंह, परियोजना अधिकारी
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