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फोटो खिंचवाकर भूल गए ‘साहब’, लाखों रुपये बह गए पानी में सूख गए पौधे

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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के जैविक कृषि शोध प्रक्षेत्र कृषि विज्ञान संस्‍थान में वन विभाग द्वार?
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झांसी। जिले में पौधरोपण के नाम पर बड़ा खेल हुआ है। पौधे लगाते वक्त फोटो खिंचवाने वाले अफसर बाद में रखरखाव भूल गए और सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट कागजों में पूरा कर दिया गया। आलम यह है कि लगातार सूख रहे पौधों को बदलने की अब तक सुध नहीं ली गई है। पौधे लगातार सूख रहे हैं और लाखों रुपये का बजट साफ हो चुका है।
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जिले में वन महोत्सव के दौरान एक दिन में लगाए गए 50 लाख पौधों की जिंदगी अफसरों की मनमानी की भेंट चढ़ गई है। आलम यह है कि जिन अफसरों को सरकार गांव गोद लेने का जिम्मा सौंपती है, वे अफसर एक पौधे को गोद लेकर भी जीवन नहीं दे सके। करगुवांजी में अपर मुख्य सचिव और जिले के नोडल अधिकारी समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में लगाए गए पौधे भी दम तोड़ रहे हैं। पौधों को न तो पानी मिल रहा है और न ही उनकी देखरेख के लिए कोई इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही, नगर निगम द्वारा उनाव गेट बाहर क्षेत्र में लगाए गए पौधों का हाल भी बेहाल है।
यहां निगम की ओर से 50 पौधे लगाने का दावा किया गया है, लेकिन यहां बमुश्किल 20 पौधे भी नहीं लगाए गए। जो पौधे लगे थे, वे भी सूख गए हैं। उधर, जिला प्रशासन लाखों रुपये फूंकने के बाद पौधों को बचाने के लिए अब तक चेता नहीं है। इससे साफ है कि अफसरों के लिए सीएम और शासन के निर्देश और योजनाएं कोई मायने नहीं रखतीं। साथ ही, हरियाली बिखरेने का ख्वाब जमीन में दफन हो रहा है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता अमित शर्मा का कहना है कि सूख चुके पौधों की गिनती कराई जा रही है। जल्द ही इन्हें बदला जाएगा।
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थर्ड पार्टी सत्यापन में खुलेगी पोल
शासन की ओर से भी पौधरोपण की मॉनीटरिंग कराई जा रही है। जल्द ही पौधों का थर्ड पार्टी सत्यापन शुरू होना है। इसमें जिला प्रशासन द्वारा की गई पौधरोपण की हकीकत सामने आएगी। जबकि अभी जिम्मेदार पौधरोपण को लेकर संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं।
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