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गोलमाल: खाली खड़े ट्री गार्ड, पौधे नदारद

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plaint blind tree guard stand
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झांसी। जिले की धरती को पौधे लगाकर हरा-भरा करने के सपने को अफसरों की अनदेखी ने तोड़ दिया। अफसरों ने पूरे जिले में लक्ष्य से अधिक पौधे लगाने की रिपोर्ट शासन को भेजकर अपनी पीठ थपथपा ली है, लेकिन पौधे अफसरों की मनमानी की कहानी कह रहे हैं। आलम यह है कि कई जगहों पर तो पौधे लगाने के नाम पर महज दिखावा हुआ है। महानगर के एक वार्ड में ट्री गार्ड तो लगा दिए गए, लेकिन पौधे नदारद हैं। वहीं जहां अफसरों ने अपने हाथों से पौधे लगाए, वहां भी हालात ठीक नहीं है। ऐसे में पौधरोपण मजाक बनता नजर आ रहा है और शासन की मंशा को झटका लग रहा है।
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तस्वीर एक
हजारों का खर्च, लेकिन हरियाली दूर
महानगर में तमाम जगहों पर पौधरोपण के लिए कब्रिस्तान को चुना गया था। वार्ड नंबर 35 ताज कंपाउंड के कब्रिस्तान में पौधरोपण पर करीब 30 हजार रुपये का खर्च हुआ, लेकिन यहां पौधे नदारद हैं। कोरम पूरा करने के लिए महज ट्री गार्ड खड़े कर दिए गए हैं। वहीं कुछ ट्री गार्ड में पौधे लगे हैं, तो वे भी सूखने की ओर हैं। यहां पौधरोपण की टोह लेना तक अधिकारियों ने मुनासिब नहीं समझा।
तस्वीर दो
कहीं स्मृति बनकर न रह जाए स्मृति वन
करगुवांजी में प्रशासन ने चीन में शहीद सैनिकों की स्मृति में पंचवटी वाटिका की स्थापना की थी। यहां अपर मुख्य सचिव समेत जिले के तमाम अधिकारियों ने पौधरोपण किया था। मगर अब यहां हाल बदहाल है। स्मृति वन का बोर्ड उखड़ चुका है। जबकि पंचवटी वाटिका में लगाए गए कई पौधे झुक चुके हैं, तो कई सूखते जा रहे हैं। बीते रविवार के बाद पौधों का हाल जानने यहां कोई नहीं पहुंचा।
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कागजों में ही पूरा हो गया लक्ष्य
महानगर में वन विभाग और अन्य विभागों ने मिलकर 50.09 लाख पौधे लगाने का दावा किया। इसके नाम पर बजट भी खूब खर्च हुआ, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इससे साफ है कि पौधरोपण का लक्ष्य महज कागजों में पूरा कर शासन को गुमराह कर रहे हैं।
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