झांसी। जिला अस्पताल का पीडियाट्रिक आईसीयू ताले में बंद पड़ा हुआ है। पिछले छह महीने से इसका कोई उपयोग नहीं हो पाया है। जबकि, कई बार अस्पताल का बच्चा वार्ड रोगियों से भर जाता है।
कोरोना की दूसरी लहर लोगों पर कहर बनकर टूटी थी। इस दौरान कई संक्रमितों की जान चली गई थी। तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक बताई जा रही थी। ऐसे में शासन ने सरकारी अस्पतालों में पीडियाट्रिक आईसीयू बनवा दिए थे। जिला अस्पताल की आइसोलेशन बिल्डिंग में 20 बेड का पीआईसीयू बनाया गया। इसमें 14 बेड पर वेंटिलेटर भी हैं। जबकि, छह बेड में वाईपैप, एचएफएनओ आदि मशीनें लगी हुई हैं। दो मंजिला इस बिल्डिंग के वार्डों में ताला लगा हुआ है। बताया गया कि पिछले साल नवंबर तक डेंगू का प्रकोप रहा। तब तक इस बिल्डिंग का उपयोग किया गया। मगर पिछले छह महीने से बिल्डिंग पर ताला लगा हुआ है। जबकि, अक्सर बच्चा वार्ड भर जाता है। इस मामले में सीएमएस डॉ. आरके सचान का कहना है कि पीआईसीयू कोविड रोगियों के लिए बना है। इसके अलावा सिर्फ डेंगू के मरीज ही यहां भर्ती किए जाएंगे। स्टाफ भी इतना नहीं है कि अलग से इसे संचालित किया जा सके।