झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में 30 जून से पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) शुरू हो जाएगा। यहां पर सौ बेड पर बच्चे भर्ती हो सकेंगे। पीआईसीयू में लगभग 10 करोड़ की मशीन आएंगी। शासन स्तर से कोरोना की तीसरी लहर से बचाने के लिए पीआईसीयू जल्द तैयार रोज समीक्षा की जा रही है।
कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बताई जा रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज में सौ बेड का पीआईसीयू (50 बेड का निक्कू भी शामिल) बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार पूरा प्रयास कर रही है कि कोविड की तीसरी लहर में कोई भी बच्चा इलाज से वंचित न रह पाए। योगी सरकार मशीनों की खरीद के लिए भरपूर पैसा भी दे रही है। वहीं, चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना की तरफ से पीआईसीयू की प्रगति जानने के लिए लगातार समीक्षा भी की जा रही है। मंगलवार को भी उन्होंने पीआईसीयू को लेकर मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। बताया गया कि 30 जून तक मेडिकल कॉलेज में पीआईसीयू की सभी मशीनें आ जाएंगी। इसके बाद बच्चों का यह आधुनिक वार्ड शुरू हो जाएगा। पीआईसीयू में लगभग 10 करोड़ रुपये की आधुनिक मशीनें आ रही हैं।
ये मशीनें आ रहीं
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि पीडियाट्रिक और नियोनेटल वेंटिलेटर, वाईपैप, सी पैप, मल्टीपैरामॉनीटर, ईको मशीन, आईसीयू बेड, इंफ्यूजन पंप, पोर्टेबल एक्सरे, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आदि मशीनें आएंगी।
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर 100 बेड का पीआईसीयू तैयार कराया जा रहा है। 30 जून तक सभी मशीनें आ जाएंगी और ये यूनिट शुरू हो जाएगी। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।