17 गोआश्रय स्थलों में 22 हजार गोवंश संरक्षित
जनपद में 17 गोआश्रय स्थल हैं। इनमें 20-22 हजार गोवंश संरक्षित हैं। इनको भूसा, चूनी के साथ घास भी खिलाई जाती है। गोवंशों के लिए भूसे का टेंडर पशुपालन विभाग करता है। रिश्वत का वीडियो वायरल होने के बाद पशु पालन विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
दो वर्ष से लिए है सीवीओ का चार्ज
वीडियो में रिश्वत ले रहे प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी करीब दो वर्षों से इस पद पर हैं। इससे पूर्व वे महरौनी पशु चिकित्सालय में तैनात थे। दो वर्ष पहले सीवीओ शशि प्रताप सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद इन्हें प्रभारी बनाया गया था। तब से यह प्रभारी सीवीओ का पद संभाल रहे हैं। हालांकि हाल ही में पशु चिकित्साधिकारी देवेंद्र पाल सिंह की नियुक्ति की गई है। वह अधिकतर अवकाश पर रहते हैं।
अवकाश पर गए प्रभारी सीवीओ
रिश्वत लेने संबंधी वीडियो जैसे ही वायरल हुआ इसकी भनक प्रभारी सीवीओ को लग गई। उन्होंने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। मोबाइल बंद करने के बाद वह दफ्तर से भी चले गए। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि सीवीओ निजी कारणों से छुट्टी पर चले गए हैं। वह जनपद में भी नहीं हैं।
ठेकेदार को हरी झंडी मिलते ही पशु पालन विभाग में बंटी थी मिठाई
दो दिन पूर्व पशुपालन कार्यालय में भूसा ठेकेदार ने प्रत्येक पटल पर मिठाई का डिब्बा पहुंचाया था। वीडियो वायरल होने के बाद मिठाई बंटने की वजह सामने आ रही है।
पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। वीडियो की सत्यता की जांच करने के बाद इसमें संलिप्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर वीडियो फेक पाया जाता है तो सनसनी फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। -आलोक सिंह, जिलाधिकारी
यह मामला संज्ञान में आया है। प्रभारी सीवीओ से स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। उनका स्पष्टीकरण मिलने के बाद पूरी रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी जाएगी। -देवेंद्र गुप्ता, अपर निदेशक, पशुपालन