झांसी। दो अलग-अलग ब्रांडों की आइसक्रीम में कमियां पाए जाने पर छह लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। गड़बड़ियों पर ये फैसला न्याय निर्णायक अधिकारी द्वारा सुनाया गया है।
पिछले साल खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) द्वारा दो अलग-अलग ब्रांड की आइसक्रीम में कमियां पकड़ी गई थीं। एक स्थानीय कंपनी की आइसक्रीम में मानक से कम क्रीम पाई गई थी। जबकि, दूसरी कंपनी की आइसक्रीम के रैपर पर मिथ्या छाप पाई गई थी। दोनों ही मामले में न्याय निर्णायक अधिकारी /अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अदालत में ले जाए गए। न्याय निर्णायक अधिकारी राम अक्षयवर चौहान ने आइसक्रीम में क्रीम कम पाए जाने पर कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि, रैपर पर गलत जानकारियां अंकित होने पर विक्रेता पर 25 हजार, डिस्ट्रीब्यूटर पर पचहत्तर हजार तथा भोपाल की निर्माता कंपनी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एफडीए के अभिहित अधिकारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि अप्रैल 2019 से जनवरी 2020 तक विभाग ने 167 मामलों में 45.47 लाख रुपये जुर्माना वसूल किया है।