झांसी।
क्रिकेट की सट्टेबाजी से कर्ज में डूबे युवक ने घर के मंदिर में फांसी
लगाकर आत्महत्या कर ली। कोतवाली पुलिस को मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला
है।
कोतवाली थानांतर्गत सागर गेट अंदर तिलियानी बजरिया निवासी धर्मदास
कुशवाहा के 24 वर्षीय पुत्र अभय उर्फ गोलू की मिनर्वा चौराहा के पास दुकान
है। गलत सोहबत की वजह से वह क्रिकेट की सट्टेबाजी करने लगा, जिसके चलते वह
लाखों रुपये के कर्ज में डूब गया। आएदिन उससे तगादा करने के लिए लोग घर पर
भी आने लगे। शनिवार की रात को वह अपने दोस्त की बाइक लेकर घर आया और खाना
खाकर कमरे में सोने चला गया। रात को अज्ञात समय वह घर के मंदिर में पहुंचा
और पंखे से फंदा बांधकर फांसी लगा ली।
रविवार की सुबह जब परिजन जागकर
मंदिर में गए तो अभय को फांसी के फंदे पर लटका देखकर सन्न रह गए। परिजनों
की चीखपुकार सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर थाना पुलिस
मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर तलाशी ली तो उसके पास से
सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने कर्ज की वजह से बर्बाद होने की बात कहते हुए
आत्महत्या करने की बात कही है। थाना प्रभारी ने बताया कि पूछताछ में पता
चला है कि वह क्रिकेट की सट्टेबाजी की वजह से कर्ज में डूब गया था।
‘मैं अपनी मर्जी से जान दे रहा हूं’
सुसाइड
नोट में अभय ने लिखा है, ‘मम्मी-पापा मैं अपनी मर्जी से जान दे रहा हूं।
मैं पूरी तरह से बर्बाद हो गया हूं। मैं बहुत कर्ज में हूं, इसलिए मैं अपनी
मर्जी से जान दे रहा हूं। ये गाड़ी मेरे दोस्त की है, उसे प्लीज वापस कर
देना। मुझे माफ कर देना।’