झांसी। जिले में बाहरी प्रदेशों से आए मजदूरों के दिन भी एकांतवास में गुजर रहे हैं। तीन दिन पहले हरियाणा से आए मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है। जिले में पहुंचा एक परिवार पहले 28 दिन हरियाणा में क्वारंटीन रहा और अब झांसी में क्वारंटीन कर दिया गया है। ऐसे में मजदूरों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। जिले में तीन दिन पहले हरियाणा से रोडवेज बसों के जरिए 111 मजदूरों को झांसी लाया गया था। जिनको अलग-अलग स्थानों पर क्वारंटीन किया गया है। रोडवेज बस स्टैंड स्थित आश्रय स्थल में क्वारंटीन किया गया एक परिवार बहुत परेशान है।
क्वारंटीन ने बढ़ा दी दिक्कत
जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र के गांव मड़वा निवासी राजेश और उनके भाई हरियाणा में मजदूरी करते थे। लॉकडाउन के बाद दोनों भाई और उनकी पत्नियों को हरियाणा में क्वारंटीन कर दिया गया। परिवार ने जैसे-तैसे 28 दिन का क्वारंटीन पूरा किया, तो 29 वें दिन रोडवेज बसों से उन्हें झांसी भेज दिया गया। उम्मीद थी कि अब घर पहुंच जाएंगे, लेकिन अब यहां पर उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया गया है। ऐसे में दोनों भाई बेहद परेशान हैं। गांव में परिजन भी बेहद चिंतित हैं। वे कहते हैं कि पूरा समय क्वारंटीन में निकल गया, पता नहीं घर कब तक पहुंच पाएंगे।
पूरा समय एकांतवास में ही गुजर गया
टहरौली निवासी प्रीतम सिंह हरियाणा में राज मिस्त्री हैं। लॉकडाउन के बाद वे भी हरियाणा में क्वारंटीन रहे। 28दिन तक एक आश्रय स्थल में जैसे-तैसे दिन गुजारे। वहां से बस से झांसी पहुंचे। लेकिन अब यहां भी क्वारंटीन कर दिया गया है। आक्रोशित लहजे में बोले कि लॉकडाउन में बेवजह गरीबों को सजा मिल रही है। पूरा समय क्वारंटीन में ही गुजरा जा रहा है। घर वाले फोन करते हैं। वे भी बहुत परेशान हैं। बताया जा रहा है कि घर में भी क्वारंटीन रहना होगा। पूरा साल इसी मेें गुजर जाएगा।