झांसी। गर्मी से पहूज बांध का जलस्तर घट गया है। इस कारण पानी में गंदगी व काई फैल गई है। प्रयास के बाद भी पानी से बदबू व हरापन दूर नहीं हो पा रहा है। इससे लोगों के बीमार होने की आशंका बढ़ गई है।
आम दिनों में पहूज बांध से दतिया गेट फिल्टर को छह एमएलडी कच्चा पानी प्रतिदिन मिलता है। बांध में लगे दो पंपों की मदद से पानी फिल्टर तक पहुंचाया जाता है। गर्मियों में बिजली की आंख मिचौनी के कारण पंप को लगातार चलाना संभव नहीं हो पाता है। इस कारण इन दिनों तीन एमएलडी पानी ही फिल्टर तक पहुंच पा रहा है। जल शोधन के उपरांत इस पानी की सप्लाई बाहर दतिया गेट रोड, थापक बाग, नकटा चौपड़ा, छुटकू का बगीचा, पंचवटी, बाहर उन्नाव गेट, मेवाती पुरा, सरांय, अलीगोल, नई बस्ती, मुकरयाना, झारखड़िया आदि मुहल्लों को दी जाती हैं।
चूंकि, पहूज बांध में सिल्ट बढ़ने से जल भराव की क्षमता कम हो गई है। इस कारण भीषण गर्मी पड़ते ही बांध का पानी रंग बदलने लगा है। इन दिनों बांध से दतिया गेट फिल्टर को मिल रहा कच्चा पानी बेहद गंदा व हरा आ रहा है। जल शोधन में फिटकरी व मात्रा के अनुरूप ब्लीचिंग मिलाने के बाद भी पानी का रंग साफ व काई की गंध खत्म नहीं हो पा रही है। पानी में मिश्रित गंध के कारण लोगों को मजबूरन उसका उपयोग करना पड़ रहा है।
टुल्लू पंपों ने रोकी पानी की धार
झांसी। भीषण गर्मी में बढ़ी मांग से जलापूर्ति का समय भी घट गया है। कई जगह तो आपूर्ति का समय दस से पंद्रह मिनट रह गया है। उस पर टुल्लू पंप कोढ़ में खाज का काम कर रहे हैं। दो दर्जन से अधिक मुहल्लों में अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
अगर मुहल्ले के प्रत्येक परिवार में पानी पहुंचाना है तो कम से कम दो घंटे की वाटर सप्लाई होनी चाहिए। नगर के करीब बीस हजार उपभोक्ताओं के घरों में टुल्लू पंपों के उपयोग के कारण सभी गलियों के वाशिंदों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। नलों में पानी न आने के कारण सिद्धेश्वर नगर आईटीआई, मुकरयाना, नई बस्ती, अंदर उन्नाव गेट, मेवातीपुरा, भांडेरी गेट बाहर, दरीगरान, इमलीपुरा, छनियापुरा, सागर खिड़की, लक्ष्मी गेट समेत कई मुहल्लों के लोगों को पानी की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। जल संस्थान में प्रतिदिन इस तरह की दर्जनों शिकायतें आ रही हैं, मगर अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं।