मूंगफली खरीद के दो केंद्रों में अवैध वसूली की शिकायत मिली है। इसको गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित करते हुए तत्काल मामले की जांच शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। मूंगफली खरीद के लिए इस बार विभिन्न स्थानों पर कुल छह सरकारी केंद्र खोले गए लेकिन शुरुआत से ही केंद्रों में गड़बड़ियां मिलनी शुरू हो गईं। भसनेह एवं रामनगर स्थित खरीद केंद्र में किसानों ने खरीद के एवज में अवैध वसूली के आरोप लगाए।
भाजपा जिलाध्यक्ष जमुना कुशवाहा ने भी अवैध वसूली की शिकायत मंडलायुक्त से कर दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने आरएफसी नरेंद्र कुमार एवं अपर आयुक्त प्रशासन आरपी मिश्रा की दो सदस्यीय जांच कमेटी बना दी। उन्होंने यह जांच जल्द पूरी करके रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जांच अधिकारियों को दिए हैं। बता दें, इसके पहले भोजला मंडी में घटतौली करने को लेकर भी जमकर हंगामा हो चुका है। इस मामले में विधायक जवाहर लाल राजपूत ने शिकायत की लेकिन, अब तक इसकी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।
क्रय केंद्रों पर किसानों का भारी-भरकम बकाया
सरकारी मूंगफली क्रय केंद्रों पर उपज बेचने के बावजूद किसानों को उपज का मूल्य नहीं मिल रहा है। दिसंबर से चल रहे इन क्रय केंद्रों में किसानों को भुगतान करने में जमकर लापरवाही बरती जा रही है। बताया जा रहा अब तक 3782.210 मीट्रिक टन मूंगफली 2201 किसानों से खरीद गई लेकिन, सिर्फ अब तक 227 किसानों को 2.04 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया। अभी तक 1974 किसानों का करीब 17.90 करोड़ रुपया बकाया है। भारी-भरकम बकाये को देखते हुए नोडल अधिकारी सुधीर बोवड़े ने भी जल्द भुगतान कराने के निर्देश अफसरों को दिए लेकिन, इसके बावजूद भुगतान कार्य में तेजी नहीं दिखाई।