अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के लिए ली जाने वाली जमीन के बैंक में बंधक होने पर किसानों को बैनामे का भुगतान उनके ऋण खाते में किया जाएगा। बैंक दिए गए ऋण की रकम को काटकर बाकी पैसा किसानों दे देंगे।
बीडा के लिए ली जाने वाली जमीन पर ज्यादातर किसानों ने बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से कर्ज ले रखा है, जिससे उनकी जमीनें बैंकों में बंधक बनी हुईं हैं। कर्ज की राशि सभी की खतौनी में भी दर्ज है। नियमानुसार बैंक के ऋण की अदायगी किए बगैर किसान अपनी जमीन बेच नहीं सकते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए बीच का रास्ता निकाल लिया गया है। बंधक जमीन का बैनामा करने वाले किसानों को उनकी रकम का भुगतान उनके ऋण खाते में किया जाएगा। खाते में आई रकम में से बैंक अपने कर्ज का हिस्सा निकाल लेंगे। इसके बाद बाकी पैसा किसानों को दे दिया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वरुण कुमार पांडेय ने बताया कि इसके लिए बैंकों से समन्वय बनाया गया है। इस प्रक्रिया में जमीन का बैनामा करने वालों का आसानी से कर्ज भी चुकता हो जाएगा।
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अंबावाय में ली जाएगी 395 हेक्टेअर जमीन
झांसी। ग्राम सारमऊ के बाद अंबावाय और ग्राम ढिकौली में जमीन के बैनामों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अंबावाय में चिह्नित जमीन पर 65 आपत्तियां आईं थीं, जिनके निस्तारण के राजस्व विभाग व अन्य विभागों की टीम शुक्रवार को भी अंबावाय में डेरा डाले रहीं। ज्यादातर आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। अंबावाय की 395.763 हेक्टेअर जमीन ली जाएगी। जमीन की दरें तय करने के लिए जल्द दर निर्धारण समिति की बैठक होगी।