झांसी। कोरोना काल के दौरान ग्रामीण व शहरी इलाकों के मरीजों को चिकित्सीय सुविधा को मुहैया कराने के लिए विभाग द्वारा ई-संजीवनी सेवा की शुरूआत की जा रही है। जिसके तहत मोबाइल एप के माध्यम से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी मरीजों का इलाज किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। वहीं सेंटरों पर मौजूद कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) व एएनएम को भी रोजाना कम से कम दस मरीजों की ओपीडी कराने का लक्ष्य तय किया गया है।
जिले में 122 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को संचालित किया जा रहा है। ये सेंटर अधिकतर दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में हैं। कोरोना काल के दौरान जिले की ओपीडी सेवाओं को बंद कर दिया गया था। जिसके चलते शहरी व ग्रामीण इलाके के लोगों के इलाज के लिए ई-संजीवनी एप को लांच किया था। मोबाइल में एप डाउनलोड करते ही रजिस्ट्रेशन करना का ऑप्शन होगा। रजिस्ट्रेशन होते ही मोबाइल पर ओटीपी आएगा। ओटीपी शेयर करते ही वीडियो कॉल के माध्यम से चिकित्सक से परामर्श होगा। रोजाना दो से चार बजे तक विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी परामश लिया जा सकता है।
परामर्श होते ही डॉक्टर द्वारा दवाई का पर्चा भी मोबाइल पर भेजा जाएगा। जिसका प्रिंट निकलवा कर व मोबाइल के जरिए ही दवाई को लिया जा सकता है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों के लोग इलाज के लिए वेलनेस सेंटर पर जाकर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर व एएनएम से संपर्क कर सकते हैं मौजूद स्वास्थ्य कर्मी द्वारा मोबाइल के माध्यम से मरीज को एप के माध्यम से जोड़कर परामर्श की सुविधा को मुहैया कराया जाएगा। इस संबंध में सामुदायिक प्रक्रिया के प्रबंधक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना काल के दौरान लोगों को घरों में ही इलाज कराने के लिए एप को लांच किया गया था। वेलनेस सेंटरों पर जल्द ही सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा।