जिला अस्पताल के सभी वार्डों में कुल 172 बेड की व्यवस्था है, जिस पर मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। लेकिन, बीते दो दिन सोमवार और मंगलवार को मौसमी बुखार, टाइफाइड, डायरिया, सिरदर्द, पेट दर्द और मलेरिया के मरीजों से यह सभी बेड फुल हो चुके हैं। ऐसे में अब यहां आ रहे मरीजों को बेड न होने के चलते मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। वहीं, ओपीडी और सीटी स्कैन के लिए आने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है।
मंगलवार को ओपीडी बंद होने तक अस्पताल में 1600 और सीटी स्कैन सेंटर पर 75 मरीज आ चुके थे। मंडलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार कटियार ने बताया कि इन दिनों मौसमी बीमारियों के चलते अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में बेड खाली नहीं है। जब एक मरीज की छुट्टी हो रही है, तभी दूसरे मरीज को बेड मिल पा रहा है।