झांसी। बचपन से खुली आंखों से जो सपना देखा था, वो तो खाकी वर्दी पहनने के बाद आज पूरा हो गया। लेकिन, इस सपने के पीछे का उद्देश्य पूरा करना अभी बाकी है। जी हां, यह कहना रहा शुक्रवार को पुलिस की पासिंग आउट परेड में शामिल हुईं महिला रिक्रूट का। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न पर अंकुश लगाना उनका पहला उद्देश्य है। समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव बनाने का वे काम करेंगी। राह चलतीं लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वालों को वे करारा सबक सिखाएंगी। समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाने काम करेंगी।
पुलिस लाइन के ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में 151 महिला रिक्रूट शामिल हुईं। छह माह की ट्रेनिंग और उसके बाद हुई परीक्षा पास करने के बाद उन्हें ये मौका मिला। परेड की सलामी मुख्य अतिथि उप पुलिस महानिरीक्षक जोगेंदर सिंह ने ली। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय भी मौजूद रहे। इस दरम्यान रिक्रूट को शपथ भी दिलाई गई। लकदक खाकी वर्दी में सभी महिला रिक्रूट बेहद खुश नजर आईं। इस दौरान कई महिला रिक्रूट के परिवार के लोग भी मौजूद रहे। संचालन डा. नीति शास्त्री ने किया।
खुशी और गम से आंखें हुई नम
झांसी। एक ओर महिला रिक्रूट को पुलिस का हिस्सा बनने की खुशी तो वहीं गम था एक दूसरे बिछुड़ने का। छह महीने की ट्रेनिंग के दरम्यान सभी एकदूसरे के साथ रहीं। एक साथ ही ट्रेनिंग ली और पढ़ाई कीं। सभी एकदूसरे की जिंदगी का हिस्सा बन गईं थीं। लेकिन, शुक्रवार को उन्हें पासिंग आउट परेड के बाद एकदूसरे से अलग होना पड़ा। सभी में इस बात का गम रहा।
आंधी ने मेहनत पर फेरा पानी
झांसी। पासिंग आउट परेड को लेकर महिला रिक्रूट ने एक दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दीं थीं। परेड ग्राउंड में बृहस्पतिवार की देर रात तक रिक्रूट सुंदर - सुंदर रंगोलियां बनाने में जुटीं रहीं थीं। लेकिन, देर रात चली आंधी से रंगोलियां खराब हो गईं। सुबह मेहनत पर पानी फिरा देख सभी को बहुत अफसोस हुआ। रिक्रूट आनन-फानन में रंगोलियां दुरुस्त करने में जुट गईं। इससे परेड भी तय समय से कुछ देरी से शुरू हुई।
जज्बे को मिली खाकी पहचान, महिलाओं का बढ़ाएंगे सम्मान
झांसी। शुरू से ही जज्बा था समाज के लिए कुछ बेहतर करने का। यही वजह रही कि खाकी वर्दी पहनी। अब मौका मिला है समाज और खासतौर पर महिलाओं के लिए कुछ कर गुजरने का। हर महिला को न्याय मिले और समाज में उनका सम्मान बढ़े, ये हमारा पहला दायित्व होगा। ये कहना रहा पुलिस की पासिंग आउट परेड में शामिल हुईं महिला रिक्रूट का।
पिता की तमन्ना थी कि बेटी पुलिस में भर्ती होए, उनका ये सपना आज मैंने पूरा कर दिया है। अब मैं खाकी पहनने का अपना उद्देश्य पूरा करूंगी और ये उद्देश्य है महिलाओं का समाज में सम्मान बढ़ाना। हर पीड़िता को न्याय दिलाना।
- अस्मिता, कानपुर नगर
बचपन से ही देश की सेवा का जज्बा था। इसके लिए पुलिस से अच्छा जरिया और कोई हो ही नहीं सकता। पुलिस के प्रति आम आदमी की सोच में बदलाव लाना है। उन्हें विश्वास दिलाना है कि पुलिस उनकी है और उनके ही लिए है।
- पारुल, आगरा,
महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता पर होगी। महिलाओं पर बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने का काम किया जाएगा। हर पीड़ित को न्याय दिलाना पहला उद्देश्य होगा। लोग अपने अधिकारों को जानें, इसके लिए सभी जागरूक करने का काम भी करूंगी।
- सुचेता साहू, मुरादाबाद
महिलाओं के साथ अपराध के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। छोटी बच्चियों तक को शिकार बनाया जा रहा है। ये सब सुनकर दिली दुखी हो जाता है। समाज में ये स्थिति न रहे, तब ही खाकी पहनने का उद्देश्य पूरा होगा। इसके लिए जी जान से जुटूंगी।
- सोनम चौधरी, मुरादाबाद
मामा-मामी ने परवरिश की है। आज उनका सपना पूरा हो गया। अब पुलिस में शामिल होने का अपना इरादा पूरा करना है। महिलाओं पर अत्याचार रोकना पहला उद्देश्य है। उन्हें न्याय मिलें और वे सशक्त हों, इस दिशा में पूरी जिम्मेदारी से काम करूंगी।
- स्नेहा राजपूत, ललितपुर
बचपन से ही सिपाही बनने की तमन्ना थी, जो पूरी हो गई। जनता की सेवा और उनकी सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मेरी तरह से हर बेटी का सपना पूरा हो और उसे समाज में सम्मानजनक व सुरक्षित माहौल मिले। पुलिस सेवा के जरिये मैं ये काम करूंगी।
- वैशाली यादव, मुरादाबाद
पुलिस में भर्ती होना नौकरी भर नहीं है, बल्कि ये एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। लोग अपने घर में और घर के बाहर सुरक्षित रहें, ये हमारा पहला कर्तव्य है। इसे पूरा करने में पूरे मनोयोग से जुटूंगी। महिला सुरक्षा प्राथमिकता पर होगी।
- भावना, कानपुर
ट्रेनिंग के दरम्यान पुलिस के हर आयाम के बारे में बताया गया। हमें हमारी जिम्मेदारी का बोध कराया गया और उसे हमें कैसे पूरा करना है, ये भी बताया गया। अब बारी हमारी है। समाज का वातावरण बेहतर बनाना हमारी जिम्मेदारी है।
- काजुल, जालौन
पीएसी में 204 रिक्रूट ने ली शपथ
झांसी। राजगढ़ स्थित 33वीं वाहिनी पीएसी में रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सेनानायक केपी यादव ने उप सेनानायक प्रमोद कुमार यादव व सहायक सेनानायक कर्णसिंह यादव की उपस्थिति में परेड का मान प्रणाम ग्रहण किया। इस दौरान 204 रिक्रूट को भारतीय संविधान के प्रति निष्ठावान रहने की शपथ दिलाई गई। परेड का नेतृत्व प्रथम कमांडर रिक्रूट आरक्षी सौरभ सिंह, द्वितीय कमांडर शैलेंद्र व तृतीय कमांडर सत्यम सिंह द्वारा किया गया। अंत: विषयों की परीक्षा में रिक्रूट आरक्षी हर्ष कुमार एवं बाह्य विषय की परीक्षा में प्रिंस कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। रोहित कुमार को सर्वांग सर्वोत्तम कैडिट घोषित किया गया।
इस मौके पर वाहिनी सूबेदार मेजर अरविंद रायकवार, सहायक शिविरपाल अशर्फीलाल, प्रभारी आरटीसी राधेश्याम कुशवाहा आदि मौजूद रहे।