झांसी। रेलवे स्टेशन के नये फुट ओवरब्रिज तक चढ़ने-उतरने के लिए दो प्लेटफार्मों (2-3 और 4-5) पर लिफ्ट लगाई जाएंगी। इसका प्रस्ताव तैयार किया जा है। झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों पर पहली बार लिफ्ट लगेगी। ऐसा निर्णय पुल की अधिक ऊंचाई (8.5 मीटर) होने के कारण लिया गया है। रेलवे की यह योजना यदि मूर्त रूप लेती है तो इससे विकलांग और बुजुर्ग यात्रियों को राहत मिलेगी।
नया फुट ओवरब्रिज यात्रियों के लिए एक साल पहले खोल दिया गया था। मगर इस ब्रिज ऊंचाई सबके पसीने छुड़ा रही हैं। पुल पर चढ़ने के लिए 59 सीढ़ियां बनाई गई है। किसी के भी लिए एक साथ सामान लेकर इतनी सीढ़ियां चढ़ना-उतरना कठिन है। प्लेटफार्म एक पर चढ़ने-उतरने के लिए एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) है। मगर इसमें एक साथ बड़ी संख्या में यात्रियों का चढ़ना संभव नहीं दिख रहा। प्लेटफार्म दो-तीन और चार-पांच पर जगह की कमी के कारण स्वचालित सीढ़ियां लगना संभव नहीं है। ऐसे में यात्रियों को पुल पर चढ़ने के लिए सीढ़ियों का ही सहारा लेना पड़ रहा है।
रेलवे प्रशासन अब इन प्लेटफार्म पर एस्केलेटर की जगह होटलों की तरह लिफ्ट लगाने की योजना पर काम कर रहा है। रैंप बनाने पर भी विचार चल रहा है।
हर घंटे 5700 यात्री चढ़ने की क्षमता
रेलवे स्टेशन पर 77.09 लाख रुपये की लागत से तैयार की गईं स्वचालित सीढ़ियां पर प्रति घंटे 5,700 यात्री चढ़ सकते हैं। इसमें 51 सीढ़ियां हैं, जिनकी गति 0.50 मीटर प्रति सेकेंड है। सीढ़ियों की प्लेटफार्म से ऊंचाई 8.7 मीटर है। वहीं, फुट ओवर ब्रिज का निर्माण 3.75 करोड़ रुपये से हुआ था, इसमें 69 सीढ़ियां हैं। पुल की ऊंचाई रेल लाइन से 8.5 मीटर है।
कोट
पुराने पुल को तोड़ा जाना है, इस कारण लिफ्ट और रैंप दोनों ही बनाने की योजना पर काम चल रहा है। लिफ्ट की सुविधा विकलांग, वृद्ध और बीमार यात्रियों को ही मिल सकेगी।
गिरीश कंचन, पीआरओ, झांसी रेल मंडल