अंशकालिक शिक्षकों को त्योहार का तोहफा, मानदेय मिलेगा
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वित्तविहीन गैर सरकारी स्कूलों में मामूली वेतन पर काम करने वाले अंशकालीन शिक्षकों को सरकार ने त्योहार का तोहफा दिया है। उन्हें शासन की तरफ से अब मानदेय दिया जाएगा। छह-छह माह की दो किश्तों में सितंबर व मार्च में यह विशेष प्रोत्साहन मानदेय दिया जाएगा। इसके लिए प्रबंधक व प्रधानाचार्य को शपथपत्र देना होगा। शासन ने जिले में मानदेय बांटने के लिए 73,40,795 रुपये आवंटित कर दिए हैं।
वित्त विहीन अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रबंधन समिति वेतन देती है। काफी समय से यह शिक्षक मानदेय देने की मांग शासन से कर रहे थे। शासन ने उनकी मांग को पूरा करते हुए मानदेय मंजूर कर दिया है। इन शिक्षकों के मानदेय के लिए पहली किश्त में सौ करोड़ रुपये जारी किए गए, जिसमें से झांसी को 73,40,795 रुपये, ललितपुर को 24,27,040 तथा जालौन को 78,70,445 रुपये आवंटित किए। विभाग के अनुसार प्रधानाचार्य को 13,090 प्रधानाध्यापक को 11990, प्रवक्ता को 10890 एवं सहायक अध्यापक को 9790 रुपये मानदेय के रूप में सितंबर व मार्च में दिए जाएंगे।
विशेष प्रोत्साहन मानदेय के लिए वित्त विहीन विद्यालयों के प्रबंधकों एवं अंशकालिक प्रधानाचार्यों से संबंधित शिक्षक की नियुक्ति तिथि, शैक्षिक योग्यता, कार्य अवधि आदि की जानकारी संबंधी शपथपत्र मांगा गया है। शपथ पत्र व अन्य प्रपत्रों की जांच के लिए वित्त व लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई है। जांच उपरांत एक सप्ताह बाद मानदेय का भुगतान होगा।
इन्हें मिलेगा लाभ
जिला विद्यालय निरीक्षक डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि जो शिक्षक यूपी बोर्ड के मान्यता प्राप्त वित्त विहीन हाईस्कूल व इंटर के स्कूलों में परीक्षा वर्ष 2012 तक नियुक्त हुए हो और लगातार कार्यरत है, उन्हें मानदेय मिलेगा।