बार्ड न.48 भांडेरी गेट के नगर निगम द्वारा तोडे गये परकोटे पर पुनर्निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ।
परकोटा ढहाया पर अब तक नहीं बनाया
झांसी। नगर निगम ने अपने स्वार्थ के लिए ऐतिहासिक परकोटा को जेसीबी से ढहाने में एक मिनट के लिए भी नहीं सोचा, जितना उसके निर्माण कराने में नगर निगम का हर एक जिम्मेदार सोच रहा है। आलम यह है कि मामला तूल पकड़ने के बाद अधिकारियों ने उसे स्मार्ट सिटी में शामिल करने का आश्वासन दिया था पर अब तक उस पर भी विचार नहीं हुआ।
मई में नगर निगम ने एक नाले की खातिर ऐतिहासिक परकोटे की दीवार को जेसीबी से ढहा दिया था। हालांकि नाले के ऊपर की दीवार को ढहाना तो बहाना था। असल मामला कुछ और ही है, जिसके बार में नगर निगम के अधिकारी बताने से कतरा रहे हैं। यही कारण है कि अब तक दीवार को बनाने काम शुरू तक नहीं हुआ। मामला तूल पकड़ने लगा तो डीएम शिवसहाय अवस्थी ने मामले की जांच कराने के लिए जांच कमेटी बना दी, जिसकी जांच रिपोर्ट आज तक नहीं आई। दूसरी ओर महापौर रामतीर्थ सिंघल ने दीवार का निर्माण कराने का आश्वासन दिया था पर आज तक निर्माण नहीं हुआ। अधिकारियों के झूठे दावे और वादों से साफ है कि कोई भी ऐतिहासिक धरोहर बचाने के पक्ष में नहीं है।
इससे साफ है कि वार्ड 48 के पार्षद सुलेमान अहमद मंसूरी की तरफ से लगाए गए आरोप कहीं न कहीं नगर निगम का स्वार्थ सिद्ध कर रहे हैं। बता दें कि पार्षद का आरोप है कि नाले के ऊपर का परकोटा ढहाने के पीछे एक जमीन कारोबारी को लाभ पहुंचाने का मकसद था। यही कारण है कि अब तक उसका निर्माण नहीं हुआ।
बरसात में काम कराना संभव नहीं है। इसलिए, बरसात के बाद दीवार का निर्माण कराने का टेंडर जारी किया जाएगा और परकोटे को पुराने स्वरूप में लौटाया जाएगा। - रामतीर्थ सिंघल, महापौर