झांसी। रानी महल आने वाले पर्यटकों को वाहन पार्किंग के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। महल के बाहर मुख्य मार्ग पर आड़े तिरछे वाहन खडे़ रहते हैं। महल के सामने नगर निगम की पार्किंग है, लेकिन यहां सैलानियों को गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं मिल पाती है। यहां पहले से ही बाजार के वाहन खड़े रहते हैं। ऐसे में अक्सर जाम लग जाता है।
वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई क ा कभी आवास रहा रानी महल को देखने के लिए दूर - दूर से रोज 30 से 50 की संख्या में सैलानी आते हैं लेकिन इनके समक्ष एक बड़ी परेशानी वाहन पार्किंग की रहती हैं। महल के सामने बने नगर निगम की पार्किंग में जहां स्थानीय व्यापारियों के वाहन खडे़ रहते है, तो साथ ही महल के मुख्य मार्ग पर भी चार पहिया व तीन पहिया वाहनों का कब्जा रहता है। ऐसे में सैलानी अपने वाहन खडे़ नहीं कर पाते हैं। इस पर कई बार विवाह की स्थिति भी पैदा हो जाती है। महल के समक्ष वाहन खड़ा करने पर सैलानियों को मनमाना रुपया अनाधिकृत रूप से पार्किंग करा रहे लोगों को देना पड़ता है। पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक अभिषेक के अनुसार इस समस्या पर नगर निगम को कई बार सूचना दी गई है। एक बार फिर पत्र लिखा जाएगा।
वाहनों को हटाने की जिम्मेदारी यातायात विभाग की
संपत्ति विभाग के पुष्पराज गौतम ने कहा कि रानी महल रोड पर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों को हटाने की जिम्मेदारी ट्रैफिक विभाग की है। सैलानियों को नगर निगम की पार्किंग में वाहन खडे़ करने की जगह रहती है। इधर पार्किंग प्रभारी अधिकारी चंद्रिका प्रसाद ने कहा कि सैलानी पार्किंग स्थल में वाहन खड़ा करें।
रानी महल रोड पर अतिक्रमण कर रहे वाहनों संचालकों को चेतावनी दी गई है। अगर यह माने नहीं तो जल्द ही कड़ी कार्रवाई कर अभियान चलाकर वाहन जब्त किए जाएंगे।
आर के सिंह, यातायात प्रभारी
हम लोग कार से आए थे, लेकिन पार्किंग की जगह ही नहीं मिली। ऐसे में महल से थोड़ी दूर पर हम लोगों को अपना वाहन खड़ा करना पड़ा।
आलोक सैलानी, निवासी गोरखपुर
रानी महल के सामने खडे़ वाहन हटना चाहिए। ताकि सैलानियों को दिक्कत न आए। वाहनों की वजह से पता नहीं चला कि मुख्य गेट कहा हैं।
निखिल वर्मा, सैलानी, निवासी अयोध्या