झांसी। खेतों की पराली वहीं खत्म करने के लिए गांवों में पाठशाला लगाई जा रही है। इसके जरिये किसानों को पराली खत्म करने के आसान तरीके बताए जा रहे। किसानों को इसमें इस्तेमाल होने वाली आवश्यक दवा भी मुहैया कराई जा रही है।
पराली जलाने के बाद हुए बवाल के बाद कृषि महकमा अब जाकर सतर्क हुआ है। पराली को खेत में ही नष्ट करने के लिए एक खास किस्म का कैप्सूल मंगवाया गया है। बीस रुपये की कीमत के इस कैप्सूल की मदद से खेत में ही पराली को आसानी से नष्ट किया जा सकता है। इन दिनों इसी कैप्सूल के इस्तेमाल के तौर-तरीके किसानों को समझाए जा रहे हैं। कृषि उप निदेशक कमल कटियार की अगुवाई में दल ने चिरगांव में कार्यशाला आयोजित की। उप निदेशक ने किसानों को बताया कि कैप्सूल में गुड़ एवं बेसन के घोल के साथ तैयार किया जाता है। इसके बाद पूरे खेत की पराली को एक जगह गढ्ढा बनाकर उसमें एकत्रित कर दिया जाता है। उसी ढेर में इस घोल का छिड़काव कर देते हैं। कुछ दिन छोड़ने के बाद पराली अपने आप उसमें घुलकर नष्ट होने लगती है। उनका कहना है कि इस विधि से नष्ट हुई पराली के अवशेष का खाद की तरह खेत में इस्तेमाल किया जा सकता है। उनका कहना है पराली नष्ट करने में लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।