जनपद में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने के बाद लोगों पर हीट स्ट्रोक की मार पड़ने लगी है। चाहे सरकारी अस्पताल हो या निजी नर्सिंगहोम, हर जगह हीट स्ट्रोक, दस्त के शिकार मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। चिकित्सक भी लोगों को सिर ढंककर घरों से बाहर निकलने की सलाह दे रहे हैं। मंगलवार को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रहा।
एक सप्ताह पूर्व जनपद में अधिकतम तापमान ने 40 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर लिया था। इसके बाद से लगातार तापमान में इजाफा होता गया। वहीं, गर्म हवाओं की गति भी बढ़ती गई। एक-दो दिन में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंचने की वजह से लोगों को बीमारियां घेरने लगी हैं। बिना सावधानी के घर से बाहर निकलने वाले लोग हीट स्ट्रोक, दस्त आदि का शिकार हो रहे हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि दो-तीन दिनों से ही हीट स्ट्रोक के मरीज ओपीडी में आना शुरू हुए हैं। मंगलवार को भी पांच-छह हीट स्ट्रोक के मरीज आए। वहीं, दस्त लगने के भी आठ-दस मरीज आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. रजत जैन ने बताया कि हाल ही में उल्टी, दस्त और हीट स्ट्रोक के मरीज आने शुरू हुए हैं। तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में मरीजों को सिर और शरीर के अन्य अंग ढककर ही बाहर निकलना चाहिए। अन्य सावधानियां भी बरतनी चाहिए।