बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के एक शिक्षक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डिजिटल मार्केटिंग का पेपर शिक्षक ने सिर्फ अंग्रेजी में बना दिया। ऐसे में पेपर देखकर हिंदी मीडियम के छात्रों का सिर चकरा गया। आनन-फानन बीयू प्रशासन ने हिंदी में पेपर टाइप कराकर कॉलेज की लॉगइन पर भेजा। अब पेपर बनाने वाले शिक्षक से जवाब-तलब कर लिया गया है।
बीयू से संबद्ध महाविद्यालयों की परीक्षाएं चल रही हैं। बुंदेलखंड में 209 परीक्षा केंद्रों पर 2.44 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं। 17 अप्रैल को कई केंद्रों पर सुबह आठ से 11 बजे की प्रथम पाली बीए/बीएससी तृतीय सेमेस्टर में डिजिटल मार्केटिंग की परीक्षा हुई थी। इसका पूरा पेपर अंग्रेजी में था, ऐसे में जब प्रश्नपत्र हिंदी मीडियम के छात्र-छात्राओं के हाथों में पहुंचा तो उन्हें कुछ समझ नहीं आया।
जबकि बीयू प्रशासन पहले ही निर्देश जारी कर चुका है कि प्रश्नपत्र को अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी बनाया जाएगा। ताकि, परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
उधर, झांसी के एक केंद्र पर परीक्षा दे रहे छात्रों की ओर से केंद्र में मौजूद कक्ष निरीक्षक को इसकी सूचना देकर आपत्ति दर्ज कराई गई। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक ने परीक्षा नियंत्रक को मामले की जानकारी दी। परीक्षा नियंत्रक ने प्रश्नपत्र को हिंदी में टाइप कराकर सभी कॉलेजों की लॉगइन आईडी पर भेजा। साथ ही छात्रों को इस असुविधा के लिए 10 से 15 मिनट अतिरिक्त समय भी दिया गया। लापरवाही बरतने वाले शिक्षक से परीक्षा नियंत्रक ने जवाब-तलब कर लिया है।