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पंचायत चुनाव: आरक्षण के लिए सिरे से फीड हो रहा चुनावी डाटा

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झांसी। नई आरक्षण नियमावली के मुताबिक ग्राम पंचायतों में सीटों के आरक्षण की कवायद शुरू हो गई है। अब आधार वर्ष 2015 के मुताबिक विभिन्न वर्गों को सीटों आरक्षित होंगी। डीपीआरओ कार्यालय में नए सिरे से आधार वर्ष के दौरान हुए आरक्षण के साथ ही आबादी के आंकड़े दर्ज कराते हुए सूची तैयार हो रही है। 25 मार्च तक अंतिम आरक्षण सूची जारी की जानी है।
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हाईकोर्ट के निर्देश के चलते शासन को 11 फरवरी को जारी शासनादेश निरस्त कर देना पड़ा जबकि उसके आधार पर आरक्षण तय कर दिए गए थे और उनका सिर्फ अंतिम प्रकाशन ही बाकी बचा था लेकिन, हाईकोर्ट के दखल के चलते सरकार को फिर से नए सिरे से कवायद शुरू करनी पड़ी है। आरक्षण का आधार वर्ष भी 1995 से बदलकर 2015 किया गया। उम्मीद जताई जा रही थी कि आधार वर्ष बदलने से जिपं अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख समेत ग्राम पंचायतों में जातिगत कोटे की संख्या में बदलाव होगा लेकिन, इस संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ।
अधिकारियों का कहना है कि आधार वर्ष बदलने से जातिगत आरक्षण के स्थान में ही बदलाव होगा। अब नई नियमावली के मुताबिक प्रत्येक ब्लॉक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़े एवं सामान्य वर्ग की आबादी अंकित करते हुए ग्राम पंचायतों की सूची वर्णमाला के मुताबिक बनाई जा रही है। पिछले चुनाव में ग्राम पंचायत किस वर्ग को आरक्षित हुई, यह भी अंकित किया जा रहा। प्रावधान के मुताबिक प्रधान पदों का आरक्षण ब्लॉक स्तर पर होगा। ब्लॉक में आरक्षित पदों की संख्या वहां के अलग-अलग पंचायतों में उस वर्ग की आबादी के अनुपात में अवरोही (गिरते हुए) क्रम में आवंटित होगी। चक्रानुक्रम के मुताबिक वर्ष 2015 में जो पंचायत एससी अथवा एसटी को आरक्षित हुईं, इस बार वह इन वर्गों को आरक्षित नहीं होगी। फिलहाल डीपीआरओ कार्यालय में पिछले चुनाव संबंधी आकड़े तेजी से फीड कराए जा रहे हैं।
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कम आबादी पर भी सीट हो सकती है आरक्षित
अगर किसी पंचायत में किसी वर्ग की आबादी कम है तब भी उसी वर्ग विशेष को वह सीट आरक्षित हो सकती है। वहीं, यह भी संभव है कि जहां किसी वर्ग विशेष की आबादी अधिक हो, फिर भी दूसरे वर्ग को वह सीट आरक्षित कर दी जाए। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि अगर किसी पंचायत में एससी आबादी महज बीस फीसदी है लेकिन, दूसरी आबादी अधिक है फिर भी यह सीट एससी को आरक्षित हो सकती है। नए शासनादेश के मुताबिक एसटी, एससी, पिछड़ा वर्ग की किसी पंचायत क्षेत्र में जनसंख्या दो व्यक्ति से कम हो तो ऐसे पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत के प्रधान का पद इन वर्ग को आरक्षित नहीं किया जाएगा।
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इस क्रम में चलेगा चक्रानुक्रम चक्र
अनुसूचित जनजाति (महिला)
अनुसूचित जनजाति
अनुसूचित जाति (महिला)
अनुसूचित जाति
पिछड़े वर्ग (महिला)
पिछड़ा वर्ग
महिला
एक नजर में पंचायत
ग्राम पंचायतें 496
ब्लॉक 8
ग्राम प्रधान 496
ग्राम पंचायत सदस्य 6170
क्षेत्र पंचायत सदस्य 599
जिला पंचायत सदस्य 24
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