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पंचायत चुनाव में सपा के सामने दबदबा कायम रखने की चुनौती

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झांसी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सबसे बड़ी चुनौति समाजवादी पार्टी के सामने अपना दबदबा बरकरार रखने की है। पिछले चुनाव में सपा ने धमाकेदार जीत दर्ज की थी। जिला पंचायत से लेकर ग्राम सभाओं तक में सपा ने अपना परचम फहराया था। लेकिन, पिछले विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में ग्रामीण मतदाताओं का रुझान जिस तरह से भाजपा की ओर रहा, ये इस चुनाव में सपा के लिए चुनौति बना हुआ है। हालांकि, अभी हाल ही में विधान परिषद चुनाव में मिली जीत से सपाई उत्साहित हैं और वे इसे बड़े बदलाव का संकेत मान रहे हैं।
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2015 में हुए पंचायत चुनाव में प्रदेश की सत्ता पर समाजवादी पार्टी काबिज थी। अनुकूल माहौल में लड़े इस चुनाव ने समाजवादी पार्टी ने धमाकेदार ढंग से जीत दर्ज की थी। जिला पंचायत के चौबीस सदस्यों में से सपा 16 सदस्य बनाने में कामयाब हो गई थी। जबकि, भाजपा और बसपा के खाते में चार - चार सदस्य आए थे। जिला पंचायत में बहुमत होने पर सपा ने अपना अध्यक्ष भी बना लिया था। जिले के आठ ब्लाक प्रमुख भी सपा बनाने में कामयाब हो गई थी। 494 ग्राम सभाओं में हुए चुनाव में भी अधिकांश प्रधान समाजवादी पार्टी समर्थित थे। लेकिन, इसके बाद हुए विधानसभा और लोकसभा के चुनावों में ग्रामीण मतदाताओं ने पाला बदलते हुए भाजपा को सत्ता की सीढ़ी पर पहुंचाने का काम किया था। ऐसे में पंचायत चुनाव में पांच साल पहले के दबदबे को कायम रखना सपा के लिए चुनौति बना हुआ है।
हालांकि, अभी हाल ही में विधान परिषद के झांसी - इलाहाबाद खंड स्नातक चुनाव समाजवादी पार्टी ने अप्रत्याशित ढंग से जीत हासिल की। समाजवादी पार्टी के लोग इस जीत को बड़े बदलाव का संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि आम जनता का भाजपा से मोहभंग हो चुका है। सभी सपा की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। इसी का नतीजा है कि विधानसभा परिषद चुनाव में जनता ने भाजपा को हराकर बड़ा संदेश देने का काम किया है।
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किसान, मजदूरों के साथ-साथ समाज के सभी वर्ग भाजपा सरकारों की गलत नीतियों का खामियाजा भुगत रहे हैं। जनता भाजपा से त्रस्त है। इसी का नतीजा है कि विधान परिषद चुनाव में जनता ने भाजपा प्रत्याशी को हराकर सबक सिखाने का काम किया है। पंचायत चुनाव में भी यही स्थिति रहने वाली है।
- डा. चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद
ग्रामीण क्षेत्रों में बूथ लेवल पर समाजवादी पार्टी का संगठन मजबूती से खड़ा हुआ है। इसके अलावा भाजपा ने किसानों के साथ बड़ा धोखा किया है, इसका अंदाजा किसान आंदोलन को देखकर लगाया जा सकता है। ऐसे में सपा पिछले चुनाव की तरह ही इस पंचायत चुनाव में अपना प्रदर्शन दोहराएगी।
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- महेश कश्यप, जिलाध्यक्ष
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